इस रोग को जड़ से ख़त्म करने के लिए 47 जनपदों में चलेगा तीन दिन का विशेष अभियान

निकाय चुनाव के बाद तय होंगी तारीखें

लखनऊ. उत्तर प्रदेश से फाइलेरिया को जड़ से ख़त्म करने के लिए 47 जनपदों में तीन दिन का विशेष अभियान चलेगा. पोलियो की तर्ज पर चलाए जाने वाले इस अभियान की तारीखें अभी तय नहीं हैं. पहले इसे इधर ही चलाने की तैयारियां थीं लेकिन निकाय चुनाव होने के कारण कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया गया है. जिन 47 जनपदों में फाइलेरिया उन्मूलन का अभियान चलाया जायेगा उनमें इलाहाबाद, अम्बेडकर नगर, अमेठी, औरैया, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, चित्रकूट, देवरिया, फैजाबाद, फर्रूखाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, गोण्डा, गोरखपुर, हमीरपुर, हरदोई, जालौन, जौनपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कुशीनगर, खीरी, लखनऊ, महाराजगंज, महोबा, मऊ, मिर्जापुर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, संत कबीर नगर, संत रविदास नगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव तथा वाराणसी हैं।

सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी  हेकाली झिमोमी ने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश से फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रदेश के 47 जनपदों में तीन दिवसीय सघन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा एल्बेन्डाजाल एवं डीईसी दी जायेंगी और इसके साथ ही फाइलेरिया से बचाव के लिए जागरूक भी किया जायेगा।

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमों को सफल बनाये जाने संबंधी बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कटिबद्ध है, इसलिए फाइलेरिया रोग के उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है और इस अभियान को पोलियो उन्मूलन अभियान की तरह चलाया जायेगा। अभियान में लगे वर्कर शहरी इलाकों सहित सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर अपने सामने लोगों को फाइलेरिया की दवां खिलायेंगे। इसके अतिरिक्त अलग-अलग जगहों पर बूथ भी बनाये जायेंगे, जहां फाइलेरिया की दवा वितरित की जायेगी.

श्रीमती झिमोमी ने निर्देश दिए कि अभियान में लगाये जाने वाले वर्करों, आशाओं एवं वालेंटियर्स को प्रशिक्षित किया जाय और इनको अभियान के दौरान होने वाली समस्त गतिविधियों को पूरी जानकारी दी जाय। इस अभियान में जिन वर्करों को लगाया जायेगा उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से 200 रुपये पारिश्रमिक दिया जायेगा। प्रत्येक वर्कर को प्रतिदिन कम से कम 50 मकान कवर करना होगा और 250 लोगों को दवा खिलानी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी एरिया छूटने न पाये। अति संवेदनशील क्षेत्रों में खासतौर से फोकस किया जाय। हर ब्लाक में एक नोडल अधिकारी बनाया जाय, जो इसकी नियमित मानीटिरिंग करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।