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समाज का सामर्थ्य जब कमजोर वर्ग के काम आता है तब बनता है सशक्त राष्ट्र : आनंदी बेन पटेल

-केजीएमयू के हेमेटोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का लोकार्पण किया कुलाधिपति ने

-आदित्य बिड़ला कैपिटल फाउंडेशन के सीएसआर फंड से स्थापित हुई है यूनिट, आगे के लिए भी करार

-कैनकिड्स किड्सकैन और बाल आयुष फाउंडेशन ने भी किया है बीएमटी की स्थापना में सहयोग

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कुलाधिपति, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि जब समाज का सामर्थ्य समाज के कमजोर वर्ग के काम आता है तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने बीएमटी यूनिट की शुरुआत होने पर केजीएमयू को बधाई देते हुए इसकी स्थापना के लिए आदित्य बिड़ला कैपिटल फाउंडेशन, कैनकिड्स किड्सकैन संस्था तथा बाल आयुष फाउंडेशन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज जो सक्षम हैं वे तो किसी तरह बीएमटी जैसे इलाज को वहन कर लेते हैं लेकिन जो गरीब हैं उन्हें बहुत परेशानी होती है, लेकिन अब सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत आने वाले मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क सेवा मिलेगी।

कुलाधिपति ने ये विचार 11 जुलाई को केजीएमयू, लखनऊ के हेमैटोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) यूनिट का भव्य लोकार्पण करने के बाद अपने भाषण में व्यक्त किये। ज्ञात हो यह सुविधा आदित्य बिड़ला कैपिटल के ₹3.15 करोड़ के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) अनुदान से स्थापित की गई है, यह सुविधा रक्त कैंसर और आनुवंशिक रक्त विकारों के लिए सुलभ व किफायती उपचार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब देश बीमारी से लड़ने के लिए बाहरी सहायता पर निर्भर था, वही भारत आज आत्मनिर्भरता, नवाचार और मानवीय संवेदना का अद्भुत संगम बनकर विश्व पटल पर अपनी उज्ज्वल उपस्थिति दर्ज करा रहा है। भारत आज रोगों से लड़ने वाला देश नहीं बल्कि स्वस्थ भविष्य का स्वप्न रचने वाला राष्ट्र बन चुका है। अब हम किसी की परछाईं बन कर नहीं बल्कि प्रकाश बन कर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आशा करती हूं कि यह यूनिट न सिर्फ हमारे राज्य बल्कि पूरे देश के लोगों के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा को और भी सुलभ बनायेगी।

पुनीत कार्य में बाधा नहीं बन सकती उम्र : ब्रजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक ने आदित्य बिड़ला कैपिटल फाउंडेशन की चेयरपर्सन पद्मभूषण राजश्री बिड़ला का आभार जताते हुए कहा कि उनको अपने बीच में देखकर मैं यह कह सकता हूं कि उम्र किसी भी पुनीत कार्य में बाधा नहीं बन सकती है। इस उम्र में भी गरीबों की चिन्ता, मरीजों की चिन्ता करते हुए कष्ट सहकर भी यहां आने पर मैं उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से आपका स्वागत करता हूं। ज्ञात हो राजश्री बिड़ला की उम्र 77 वर्ष है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू दुनिया की जानी-मानी संस्था है, और इसने अनेक कीर्तिमान स्थापित किये हैं, इन सभी बातों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है केजीएमयू की किसी भी आवश्यकता को सरकार कहीं से भी कटौती करके पूरा करेगी। पिछले वर्ष 1800 करोड़ रुपये केजीएमयू को डिमांड पर दिये गये जिसमें से तीन सौ करोड़ रुपये सिर्फ उपकरणों के लिए थे।

राज्य मंत्री मयंकश्वर शरण सिंह ने केजीएमयू की स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि केजीएमयू हर वर्ष 45 करोड़ मरीजों को ओपीडी, 15 करोड़ को आईपीडी में सेवाएं दे रहा है, संस्थान में 45 लाख छोटे ऑपरेशन और 8 लाख बड़े ऑपरेशन होते हैं और यूपी, एमपी, नेपाल तथा दिल्ली से आने वाले मरीजों का उपचार करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इन्सेफलाइटिस से होने वाली मौतों की संख्या अब शून्य हो गई है।

उपचार से वंचित रहने वालों के लिए लाभकारी होगी यूनिट : प्रो सोनिया नित्यानंद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि यह यूनिट विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए जीवनरक्षक उपचार को अधिक सुलभ बनाएगी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत आने वाले मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान केजीएमयू ने यूनिट में आगे के विस्तार के लिए ₹3.03 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से 7 नए HEPA-फ़िल्टर्ड रूम बनाने के लिए एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया। यह विस्तार कदम ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, मल्टीपल मायलोमा, थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया जैसे गंभीर रोगों के उपचार की क्षमता को और बढ़ाएगा। प्रो सोनिया ने आदित्य बिड़ला सेंटर की चेयरपर्सन राजश्री बिड़ला के परोपकारी योगदान के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल उन महिलाओं और बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी जो उच्च उपचार लागत के कारण अक्सर उपचार से वंचित रह जाते हैं। कुलपति ने केजीएमयू की ओर से गरीब बच्चों के लिए किताबें कुलाधिपति को भेंट कीं।

कार्यक्रम में उपस्थित Cankids Kidscan की संस्थापक, कोलन कैंसर सर्वाइवर पूनम बगई ने देशभर में बचपन के कैंसर देखभाल को मजबूत करने के लिए सरकारों और अस्पतालों के साथ किए जा रहे सहयोगी प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 2030 तक कैंसरग्रस्त बच्चों को 100% वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लक्ष्य को दोहराया। समारोह में आये हुए अतिथियों का धन्यवाद और आभार प्रकट करने के लिए धन्यवाद प्रस्ताव हेमेटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो शैलेन्द्र ने रखा। उन्होंने मंचासीन मुख्य अतिथि राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री, राज्यमंत्री सहित आदित्य बिड़ला कैपिटल फाउंडेशन की चेयरपर्सन पद्मभूषण राजश्री बिड़ला सहित उनकी पूरी टीम, कैनकिड्स किड्सकैन और बाल आयुष फाउंडेशन के प्रतिनिधियों का धन्यवाद जताते हुए आभार प्रकट किया। इसके साथ ही उन्होंने कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो एके त्रिपाठी, प्रो केके सिंह, डॉ भास्कर अग्रवाल, डॉ रश्मि कुशवाहा, डॉ गीता यादव, डॉ विनोद, डॉ विश्वजीत सहित सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस मौके पर केजीएमयू की प्रति कुलपति प्रो अपजित कौर, प्रो मोनिका कोहली, प्रो आरएएस कुशवाहा, डॉ एसएन कुरील, डॉ विजय कुमार, डॉ संदीप तिवारी, डॉ बीके ओझा, डॉ विश्वजीत, डॉ हैदर अब्बास, डॉ अमिय अग्रवाल, डॉ तन्मय तिवारी, डॉ रमेश भारती, डॉ प्रशांत गुप्ता, डॉ निशी सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।