Tuesday , November 30 2021

मुख रोगों की हर्बल दवाओं के अनुसंधान में सहयोग देगा सरस्‍वती डेंटल कॉलेज

-शैक्षिक विकास कार्यक्रम, बौद्धिक संपदा अधिकारों और आपसी हित के विभिन्न अनुसंधान को लेकर एनबीआरआई के साथ एमओयू पर हस्‍ताक्षर

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। सी.एस.आई.आर-एन.बी.आर.आई, लखनऊ और सरस्वती डेंटल कॉलेज, लखनऊ के बीच सहयोगात्मक शैक्षिक विकास कार्यक्रम, बौद्धिक संपदा अधिकारों और आपसी हित के विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों के लिए वित्तीय व्यवस्था के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। डेंटल साइंस के नैदानिक अनुसंधान के क्षेत्र में कुछ पहचाने गए पौधों के चिकित्सीय लाभ का उपयोग करने के लिए यह पहला समझौता ज्ञापन है।

एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि बीती 7 दिसम्‍बर को संस्‍थान के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में एमओयू पर हस्‍ताक्षर के समय सरस्‍वती डेंटल कॉलेज के अध्‍यक्ष रजत माथुर, कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ केएन दुबे, डीन पीजी स्टडीज डॉ अरविंद त्रिपाठी, एनबीआरआई के निदेशक डॉ एसके बारिक, डॉ बीएन सिंह और डॉ विवेक श्रीवास्तव मौजूद थे।

बताया गया है कि पौधों को विभिन्न तरीकों से ओरल हाईजीन के रखरखाव में उपयोग किया जाता है, जिसमें पौष्टिक मुख स्वास्थ्य, संयोजन और मुख रोगों की रोकथाम शामिल है। इसलिए मुख स्वास्थ्य और दंत स्वच्छता में सुधार के लिए औषधीय जड़ी बूटियों का उपयोग हर्बल फॉर्मूलों का उल्लेखनीय लाभ होगा।