रक्षा मंत्री राजनाथ के समक्ष रखीं गयीं कर्मचारियों की समस्‍याएं

-इप्‍सेफ के अध्‍यक्ष ने कहा आश्‍वासन दिया है रक्षामंत्री ने

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्र ने कल सायं लखनऊ के सांसद एवं रक्षा मंत्री भारत सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं पीड़ा के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए देशभर के कोविड-19 से संक्रमित जनता एवं कर्मचारियों की पीड़ा के बारे में राजनाथ सिंह सांसद एवं रक्षा मंत्री से बात एवं विस्तार से चर्चा की और सहयोग का आग्रह किया।

श्री मिश्रा ने राजनाथ सिंह को बताया कि उत्तर प्रदेश में खासतौर से लखनऊ में हजारों की संख्या में कर्मचारी कोविड-19 जैसी जानलेवा बीमारी से ग्रसित हो गए हैं और प्रतिदिन संक्रमित हो रहे हैं और भारी तादाद में शहीद भी हो चुके हैं। कुछ ऐसे कर्मचारियों की मृत्यु हो गई है जो पुरानी पेंशन पाने के हकदार नहीं है उनके परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली है जिससे उनका परिवार भुखमरी के कगार पर है। इप्सेफ ने प्रधानमंत्री को कई बार पत्र भेजकर आग्रह किया था कि जान पर खेलकर कोविड-19 महामारी से जनता को बचाने के लिए रात दिन काम कर रहे कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करने के लिए ऐसे परिवार को मृत्यु पर 50 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए तथा उनके परिवार के मृतक आश्रित को नियमित नियुक्ति दी जाए पारिवारिक पेंशन एवं समस्त देयकों का भुगतान किया जाए तथा उनके इलाज की समुचित निशुल्क व्यवस्था की जाए।

श्री मिश्रा ने खेद व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने कोई संज्ञान नहीं लिया जिसके कारण देशभर के कर्मचारी आक्रोशित एवं नाराज हैं। इलाज की समुचित व्यवस्था ऑक्सीजन, दवा, बेड, वेंटिलेटर की व्यवस्था ना होने के कारण आए दिन जनता एवं कर्मचारियों में मारपीट की नौबत आती रहती है। कर्मचारी तो अपनी सेवा दे सकता है वह इलाज की व्यवस्था कहां से करे।

श्री मिश्र ने उन्हें बताया कि इप्सेफ ने देश के हो रहे चुनाव को स्थगित करने के लिए प्रधानमंत्री एवं चुनाव आयोग से आग्रह किया परंतु कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसका परिणाम है कि लाखों की संख्या में जनता एवं कर्मचारी महामारी के शिकार हुए हैं और निरंतर हो रहे हैं। काफी संक्रमित लोगों को बेड ना मिलने से अस्पताल के गेट पर ही अपनी जान गंवानी पड़ रही है। लखनऊ में भैसा कुंड, गुलाला घाट एवं आलमबाग शवदाह गृहों में टोकन पर शव जलाए जा रहे हैं। जिससे परिवार को रात्रि भर श्मशान घाट पर ही गुजारना पड़ रहा है जिसमें वह भी संक्रमित हो जा रहे हैं।

श्री मिश्र ने चिंता व्यक्त की है कि प्रदेश सरकार के मुखिया एवं बड़े अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसमें कर्मचारियों में अत्यधिक आक्रोश व्याप्त है। उन्‍होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि पूर्व की भांति इस महामारी से बचाने के लिए इप्सेफ  की मांग पर प्रभावी कदम उठाए इसके लिए कर्मचारी आभारी रहेगा।

राजनाथ सिंह ने आश्वासन दिया है कि उनकी हमेशा कर्मचारियों के प्रति हमदर्दी रही है और समय-समय पर प्रभावी कदम उठाते रहे हैं और महामारी से ग्रसित कर्मचारियों की समस्याओं के लिए यथाशक्ति प्रभावी कदम उठाएंगे। वे प्रधानमंत्री को अवगत कराने का प्रयास करेंगे।