बचाव के नियम व टीकाकरण, खत्‍म करेंगे कोरोना संक्रमण : डॉ सूर्यकान्‍त

-बढ़ते कोरोना संक्रमण पर चेस्‍ट काउंसिल ऑफ इण्डिया ने किया मंथन

-वेबिनार में देश के अनेक हिस्‍सों से जुड़े चिकित्‍सक, दिये प्रश्‍नों के उत्‍तर

डॉ. सूर्य कान्त

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बहुत तेजी से पांव पसार रहा है, ऐसे में एक बार फिर सख्ती के साथ कोविड अनुरूप व्यवहार को अपनाने में ही हर किसी की भलाई है। इसी मुद्दे पर गुरुवार की रात चेस्ट काउंसिल ऑफ़ इण्डिया के तत्वावधान में आयोजित वेबिनार में देश के दिग्गज चिकित्सकों ने गंभीरता से मंथन किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि वायरस से मुक्ति का फिलहाल अभी यही तरीका है कि हम जब भी बाहर निकलें तो मास्क से मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढंककर रखें और एक दूसरे से दो गज की दूरी से ही मिलें। इसके अलावा किसी भी सतह या वस्तु को छूने के बाद हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोते रहें।

वेबिनार का संचालन कर रहे किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष और आईएमए-एमएस के वाइस चेयरमैन डॉ. सूर्य कान्त ने कहा कि इसके साथ ही जब भी जिसकी बारी आये वह कोविड टीकाकरण जरूर कराये। उन्होंने कहा कि आईएमए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के टीकाकरण की मांग पहले ही कर चुका है क्योंकि जितने अधिक लोगों का टीकाकरण होगा उतनी ही जल्दी कोरोना को मात देने में सफलता मिलेगी।   

​वेबिनार से जुड़े चेस्ट काउंसिल ऑफ़ इण्डिया के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. नरेंद्र मेठुकू व जनरल सेक्रेटरी डॉ. रवि दोसी, बेंगलुरु से डॉ. बी.वी.मुरली मोहन, बाम्बे हॉस्पिटल, मुंबई से डॉ. अमिता नेने, फोर्टिस हास्पिटल जयपुर से डॉ. अंकित बंसल, कोलकाता से डॉ. राजा धर, कर्नाटक से डॉ. एन.एच. कृष्णा, केरल से डॉ. नारायणा प्रदीप व अन्य ने कोरोना की चपेट में बहुत तेजी से आ रहे लोगों को सुरक्षित बनाने के लिए उठाये जाने वाले जरूरी क़दमों पर विचार-विमर्श किया। इन सभी का एक मत था कि अभी कोरोना अनुरूप व्यवहार अपनाने और टीकाकरण के जरिये ही लोगों को सुरक्षित बनाया जा सकता है। चिकित्सकों ने यह भी अपील की कि इन परिस्थितियों में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती की सेहत का खास ख्याल रखना है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कमजोर होती है। इम्युनिटी को बरक़रार रखने के लिए सभी को खानपान पर विशेष ध्यान देना है। विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना है,  हरी साग-सब्जियों और मौसमी फल को प्रतिदिन लेना है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एम्बेसडर डॉ सूर्यकान्त का कहना था कि इस समय देश एक ऐसे वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है जो कि अदृश्य व अनजाना है। ऐसे में उससे सुरक्षित रहना है तो जरूरी सावधानी को बरतना ही होगा। इस बारे में लोगों को बराबर जागरूक भी किया जा रहा है कि कोरोना के संक्रमण से बचना है तो सार्वजानिक स्थलों पर एक दूसरे से कम से कम दो गज यानि छह फुट की दूरी बनाकर रखें क्योंकि खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से आप भी संक्रमण के शिकार हो सकते हैं। हर कदम पर टोकाटाकी के ही बाद सुरक्षा मानकों के पालन करने की आदत को छोड़कर अब खुद से इसको अपने जीवन में ढालना होगा, क्योंकि इसी में आपकी, आपके परिवार और समुदाय की भलाई है।

कार्यालयों में भी एक उचित दूरी पर ही बैठकर कार्य करना होगा। वायरस घर-दुकान या कार्यालय की सतह और सामानों पर भी हो सकते हैं,  इसलिए साफ़-सफाई पर भी ज्यादा ध्यान देना जरूरी है। ऐसे स्थलों और दफ्तरों की सफाई के लिए ब्लीचिंग पाउडर या कीटाणुनाशक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन स्थलों के बार-बार इस्तेमाल होने के चलते काउंटर, दरवाजों, कुण्डियों आदि के जरिये संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है, इसलिए उनकी भी विधिवत सफाई का ख्याल रखें। वेबिनार में करीब 5000 लोगों ने भाग लिया।

जीवन में इनको अपनाएं-कोरोना से सुरक्षा पाएं-

– हाथों को साबुन-पानी से बार-बार अच्छी तरह से धुलें

– सार्वजानिक स्थलों पर दूसरे से दो गज दूर रहें

– बाहर निकलें तो मास्क जरूर लगायें

– नाक, मुंह और आंख को छूने से बचें

– खांसने, छींकने और थूकने के शिष्टाचार को समझें

– इधर-उधर पड़ी चीजों को अनावश्यक न छुएं

– ध्यान, योग और प्राणायाम करें

– रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखने के लिए पौष्टिक आहार लें

– बुजुर्ग, छोटे बच्चे व गर्भवती तभी बाहर निकलें जब बहुत जरूरी हो