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पेटा ने की गाय का घी खाना छोड़ने की अपील तो लोगों का फूटा गुस्‍सा

जन्‍माष्‍टमी के अवसर पर की गयी अपील पर तरह-तरह की प्रतिक्रियायें

 

 

श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के मौके पर पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पीपुल्स फॉर दि एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) की एक अपील ने विवाद पैदा कर दिया। दरअसल पेटा ने लोगों से अपील की है कि वो गाय का घी इस्तेमाल न करें, बल्कि इसकी जगह ‘शाकाहारी घी’ का इस्तेमाल करें। पेटा ने अपनी वेबसाइट पर शाकाहारी घी बनाने की रेसिपी भी डाली है। इस अपील के बाद से सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

 

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इतना ही नहीं, पेटा ने कहा है कि गाय का घी इस्तेमाल नहीं करने से गाय भी खुश होगी. हालांकि पेटा की इस अपील पर सोशल मीडिया पर कुछ लोग पूछ रहे हैं कि क्या गाय का घी शाकाहारी नहीं है, ज्रबकि बड़ी संख्‍या ऐसे लोगों की भी है जो कह रहे हैं कि पेटा कुछ हफ्ते पहले बकरीद पर कहां थी। आपको बता दें कि पेटा ने ट्वीट किया है कि ‘जन्‍माष्‍टमी के शुभ अवसर पर उत्‍सव शाकाहारी घी और अन्‍य गैर डेयरी उत्‍पादों का इस्‍तेमाल करके मनाइये, इससे गाय भी खुश रहेंगी।

 

इसी के साथ पेटा ने शाकाहारी घी बनाने का एक वीडियो भी पोस्‍ट किया है और अपनी वेबसाइट पर ऐसा घी बनाने की विधि भी दी है।

 

शाकाहारी घीबनाने की विधि
सामग्री – 250 एमएल नारियल का तेल, 2-3 अमरूद की पत्तियां, 3-4 करी पत्ता, चुटकी भर नमक, हल्दी और हींग.

बनाने की विधि- सबसे पहले नारियल का तेल डालकर धीमी आंच पर पैन रखें इसके बाद इसमें अमरूद के पत्‍ते, करी पत्‍ते, नमक और हींग डालकर चलाते रहें। पांच मिनट तक उबालने के बाद पैन को नीचे उतार कर ठंडा होने दें ठंडा होने के बाद छानकर घी निकाल लें। इस तरह आपका शाकाहारी घी तैयार हो गया।

पेटा की इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह के कमेंट करने शुरू कर दिये। पेटा की इस नसीहत को सुनकर सोशल मीडिया लोगों ने जमकर खरीखोटी सुनाई.

मकरंद परांजपे ने लिखा कि लेकिन क्या तुम्हें नहीं पता कि वनस्पति घी सेहत के लिए बुरा है। अचानक जन्‍माष्‍टमी के दिन के दिन शाकाहारी घी की कैसे याद आ गयी। खैर मैं यह नहीं पूछूंगा कि बकरीद के दिन तुम्‍हारे पशु प्रेम को क्‍या हो गया था।

इसी प्रकार यशवंत देशमुख लिखते हैं कि ऐसे ट्वीट करने के लिए बहुत अधिक पाखंड की जरूरत होती है, अब दूध और घी का इस्‍तेमाल करना भी एनिमल राइट्स के खिलाफ हो गया। पेटा इंडिया तो यही कह रहा है। फि‍र तो अपने बच्‍चे को दूध पिलाना भी मानवाधिकारों के खिलाफ होगा।

एक और ट्वीट में पंकज कौशल ने कहा कि जब हिंदू त्यौहार आते हैं तो पेटा जैसे जोकर, पर्यावरणविद् और मिलॉडर्स आदि सक्रिय हो जाते हैं।

 

विकाश पटेल ने ट्वीट किया है कि कृष्‍ण तो गाय की रक्षा करने वाले हैं। उनका नाम गोविंद, गोपाल का अर्थ ही है कि गाय से प्रेम और उसकी देखभाल करने वाला। हिन्‍दुओं को गाय से कैसे प्रेम करें, यह पाठ मत पढ़ाओ। हम गाय का दूध और घी बिना किसी नुकसान के इस्‍तेमाल करेंगे। हिन्‍दू विरोधी संगठन हमें लेक्‍चर न दो।

सोशल मीडिया पर लोग इसे हिन्‍दू धर्म का अपमान भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान कृष्‍ण को गाय का मक्‍खन, दूध और घी बहुत पसंद था सभी डेयरी उत्‍पादों का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्‍व है। उनका कहना है कि पंचगव्‍य के बिना हिंदू पूजा की कल्‍पना नहीं की जा सकती। ऐसे में पेटा द्वारा उन पर सवाल करना हिन्‍दू धर्म का अपमान है। हालांकि पेटा ने बकरीद पर अपील न करने की अपनी सफाई में कहा है कि उसने बकरीद पर भी अपील की थी।

 

 

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