इमरजेंसी में जीवन बचाने की दक्षता जन-जन को सिखाना ही हमारा लक्ष्य

के जी एम यू इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स ने पैरामेडिकल साइंसेस के इन्टर्नस के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण का आयोजन किया

लखनऊ। जैसा कि सभी लोग जानते हैं कि हमारे मस्तिष्क से पूरे शरीर का कंट्रोल रहता है। इस मस्तिष्क को अगर पांच मिनट खून की सप्लाई न हो तो इसके सेल्स डैमेज हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि दुर्घटना या किसी भी कारण से सांस लेने में रुकावट आती है तो ऐसे व्यक्ति को डाक्टरी इलाज मिलने तक किस प्रकार से सांस की सप्लाई बाधित न होने दी जाए, इसके बारे में जानना अत्यंत आवश्यक है।

 

देखा जाये तो शुरुआत के ये पांच मिनट कितने अनमोल होते हैं, कि इस समय के निकल जाने पर इस दौरान हुए नुकसान की भरपाई शायद पैसों से भी नहीं हो पाए। क्योंकि मस्तिष्क की खून की सप्लाई रुकने के कारण या तो व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और अगर जीवित भी रहा तो किसी काम का नहीं रह जाता है, क्योंकि उसका मस्तिष्क कार्य करना बंद कर देता है।

 

के जी एम यू इंस्टिट्यूट ऑफ ऑफ स्किल्स के निदेशक प्रो विनोद जैन ने बताया कि सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत लोगों को सिखाने का बीड़ा उठाया है इस स्किल इंस्टीट्यूट ने। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी की ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर मरीज को सुरक्षित डॉक्टर तक पहुंचाने लायक बनाये रखने में आवश्यक बातों को सभी को जानना चाहिए। उन्होंने बताया कि ‘दक्षता जीवन बचाती है’ यानी skill save life की मान्यता पर हम कार्य कर रहे हैं। इसी के तहत 26 मार्च को के जी एम यू इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेस के इन्टर्नस के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

 

एनेस्थीसिया विभाग के डॉ0 जी0पी0सिंह की अगुवाई में डॉक्टर रजनी गुप्ता एवं उनकी टीम द्वारा उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में के जी एम यू इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस के 30 इन्टर्नस को प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने बताया कि बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण आकस्मिक परिस्थितियों में जीवन रक्षा के लिए सभी के लिए अनिवार्य है तथा के जी एम यू इंस्टिट्यूट ऑफ ऑफ स्किल्स का यह संकल्प है की इस प्रकार के प्रशिक्षण लगातार चलता रहे एवं धीरे-धीरे केजीएमयू के समस्त नर्सिंग, पैरामेडिकल सहित समस्त कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

 

एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनेस्थीसिया दल के प्रशिक्षकों ने लिखित और पुतलों आदि के जरिये प्रशिक्षण देकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न किया। इस मौके पर के जी एम यू इंस्टीट्यूट स्किल के निदेशक डॉ0 विनोद जैन भी उपस्थित रहे।

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