Thursday , December 2 2021

शिशु के प्रति मां वाली भावना नर्सों को मरीजों के प्रति रखनी चाहिये

केजीएमयू के कॉलेज ऑफ नर्सिंग में नवआगंतुक नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए लैम्प लाइटिंग सेरेमनी का आयोजन  

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एमएलबी भट्ट ने कहा कि मानव सेवा के क्षेत्र में नर्सिंग का कार्य एक महान सेवा कार्य है। प्रत्येक नर्स के मन में मरीजों के प्रति ऐसी भावना होनी चाहिए, जिस प्रकार की भावना माता को अपने शिशु के प्रति होती है और वह उसका उचित देखभाल करती है।

 

कुलपति ने यह बात आज यहां अटल बिहारी वाजपेयी साईंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित केजीएमयू के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के 2018 बैच के नव आगंतुक विद्यार्थियों के लैम्प लाइटिंग सेरेमनी के मौके पर अपने उद्बोधन में कही। कार्यक्रम में नवआगंतुक विद्यार्थियों द्वारा शपथ लेकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर इस महान सेवा के शिक्षण एवं प्रशिक्षण में औपचारिक प्रवेश लिया गया।

 

कुलपति ने कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय में 1914 में क्लीनिकल और नर्सिंग सेवाओं का प्रारम्भ हुआ था। तब से अनवरत ये सेवाएं मरीजों के हित में आपना उत्कृष्ट योगदान देती आ रही है। आप सबको नर्सिंग के क्षेत्र में एक बेंच मार्क बनना है। एक सिर्फ प्रशिक्षित नर्स से ज्यादा जरूरी एक मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण कुशल, निपुण और प्रशिक्षित नर्स की है जो मरीजों को उत्कृष्ट प्रकार की नर्सिंग सेवा दे सके और उनके उपचार में अहम योगदान दे सके। चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा ऐसी ही नर्सों का निर्माण इस संस्थान में किया जा रहा है।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता नर्सिंग संकाय, प्रो मधुमति गोयल के स्वागत सम्बोधन से हुआ। इस अवसर पर उनके द्वारा कॉलेज की वार्षिक प्रगति विवरण प्रस्तुत किया गया। उन्होनें बताया कि चिकित्सा विश्वविद्यालय में 1977 से नर्सिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 2015 में केजीएमयू कॉलेज ऑफ नर्सिंग की स्थापना के बाद से यहां 100 सीटों पर बीएससी नर्सिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि एमएससी नर्सिंग की प्रारम्भ में दो विशेषताओं के साथ 10 सीटें थी जो कि वर्तमान में बढ़कर 50 हो गई हैं। इसके अतिरिक्त 77 सीटों पर जीएनएम नर्सिंग का प्रशिक्षण तथा एनएचएम द्वारा प्रायोजित एवं वित्त पोषित 60 सीटों पर 6 महीनों का सर्टिफिकेट प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।

 

प्रो गोयल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नर्सिंग के विद्यार्थियों के लिए यह एक विशिष्ट अवसर है। आज से आप सभी नवआगंतुक नर्सिंग छात्र-छात्राओं का औपचारिक रूप से नर्सिंग के महान व्यवसाय में प्रवेश हुआ है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास 112 वर्षों से भी ज्यादा पुराना है। इस संस्थान द्वारा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में, मरीजों के देखभाल के लिए एक कुशल और योग्य स्नातक नर्स को बनाया जाता है। इसी क्रम में आप सब को भी कुशल, निपुण और मरीजो की उत्कृष्ट देखभाल करने वाला स्नातक नर्स बनना है।

 

कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष की छात्रा रेचल प्रिंसी चाको थामस द्वारा फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन के ऊपर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर बीएससी नर्सिंग परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली विद्यार्थियों को कुलपति के द्वारा प्रमाणपत्र व मेडल प्रदान किए गए। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर केजीएमयू इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिग की प्रधानाचार्या प्रो रश्मि पीजॉन द्वारा धन्यवाद प्रेषित किया गया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो एसएन संखवार, अधिष्ठाता शोध संकाय प्रो आरके गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक प्रो बीके ओझा, वाइस डीन, नर्सिंग संकाय प्रो पुनीता मानिक, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो जीपी सिंह, विभागाध्यक्ष, ट्रॉमा सर्जरी विभाग प्रो0 संदीप तिवारी, प्रो आरएन श्रीवास्तव सहित चिकित्सा विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।