-संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने मिशन निदेशक को पत्र लिखकर किया अनुरोध

सेहत टाइम्स
लखनऊ। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने मांग की है कि संविदा कर्मचारियों को भी स्थानांतरण का लाभ दिया जाए जिससे उनकी तैनाती उनके गृह जनपद या उसके निकट कर उन कर्मचारियों को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां को निभाने में आसानी हो सके।


यह जानकारी देते हुए संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री योगेश उपाध्याय ने बताया कि इस संबंध में मिशन निदेशक को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है उन्होंने बताया कि पत्र में अनुरोध किया गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की तैनाती उनके गृह जनपद से 200 से 500 किलोमीटर दूर होती है। इन संविदा कर्मचारी में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, इस दूरी के कारण महिलाओं को अपने घर से दूर अपने तैनाती स्थल क्षेत्र में रहने के कारण वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां को भी सही तरीके से निभाने में सक्षम नहीं हो पाती हैं, इस कारण उनका परिवार बिखरा हुआ रहता है।
पत्र में कहा गया है कि अल्प वेतन के कारण दो अलग-अलग जगह पर परिवार चलाना अत्यंत कठिन हो जाता है ऐसे में यदि इन कर्मचारियों को स्थानांतरण का लाभ दिया जाना आवश्यक है। योगेश उपाध्याय ने कहा है कि पूर्व में एनएचएम कर्मियों को स्थानांतरण का लाभ दिया गया है और अन्य राज्यों में भी उन्हें स्थानांतरण का लाभ मिलता है। यही नहीं भारत सरकार द्वारा भी संविदा कार्मिकों के स्थानांतरण का सुझाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में सरकार द्वारा स्थानांतरण सत्र खोला गया है इससे एनएचएम कार्मिकों में एक नई उम्मीद जगी है, ऐसे में इन संविदा कार्मिकों को उनके गृह जनपद या उसके निकट स्थानांतरण का लाभ प्रदान किया जाए तो यह कर्मचारियों के हित में होगा।
