Wednesday , April 8 2026

माइक्रोबायोलॉजिस्ट अब अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण में भी निभा रहे अहम भूमिका

-आरएमएलआई में आयोजित हुआ सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम

सेहत टाइम्स

लखनऊ। माइक्रोबायोलॉजी विभाग, डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ ने 7 अप्रैल को एक सीएमई का आयोजन किया और अपना वार्षिक विभागीय समाचार पत्र जारी किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. विमला वेंकटेश, प्रमुख, सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग, के.जी.एम.यू लखनऊ ने सूक्ष्मजीव विज्ञान के बदलते स्वरूप और प्रारूप, एवं भविष्य के लिए माइक्रोबायोलॉजी के शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने के विषय पर बातचीत की, जो आज के समय में प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से प्रयोगशालाओं में माइक्रोस्कोप के पीछे काम करने वाले सूक्ष्मजीवविज्ञानी अब अस्पतालों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण पहलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और संक्रमण रोगों से लड़ने के लिए नैदानिक और प्रशासनिक रणनीतियों में प्रमुख निर्णयकर्ता बन गए हैं।

इससे पूर्व , माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष, प्रो. ज्योत्स्ना अग्रवाल डॉ. आरएमएलआईएमएस और कार्यक्रम की आयोजक अध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों का सीएमई में स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रो. सी.एम. सिंह ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग के समाचार पत्र का 13वां संस्करण भी जारी किया, जो विभिन्न नैदानिक नमूनों से अलग किए गए सूक्ष्मजीवों की जानकारी और अस्पताल में देखे गए एंटीबायोटिक प्रतिरोध पैटर्न के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

सीएमई में नियमित प्रैक्टिस में पाए जाने वाले दिलचस्प संक्रामक रोग मामलों पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा भी हुई। प्रमुख पैनलिस्ट प्रो. अनुपम दास, डॉ. एस.एस. नाथ, डॉ. ऋतु करोली और डॉ. दीप्ति अग्रवाल (डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ) और प्रो. हिमांशु रेड्डी (KGMU) ने नियमित चिकित्सा में निदान और उपचार संबंधी दुविधाओं पर विचार-विमर्श किया। उनके व्यापक व्यक्तिगत अनुभव और विविध दृष्टिकोण ने प्रभावी रोगी प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ सुझाव और बहुमूल्य ज्ञान प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव- प्रो. मनोदीप सेन ने मंचासीन अतिथि, शिक्षकगण, छात्रों एवं उपस्थित सभी लोगों का हार्दिक धन्यवाद और आभार प्रकट किया।

सीएमई के बाद माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पहली पूर्व छात्र एलुमनी बैठक-“माइक्रोब मिंगल” आयोजित की गई। इस एलुमनी बैठक में पूर्व बैचों के विभिन्न छात्रों और सीनियर रेजिडेंट्स का पुनर्मिलन हुआ। डॉ. सना इस्लाही, सह-प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एम्स राएबरेली ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए व्याख्यान दिया। यह एलुमनी बैठक सभी पूर्व स्नातकोत्तर छात्रों और सीनियर रेज़िडेंट्स के लिए एक भावपूर्ण मिलन था, जिसमें उन्होंने अपने आल्मा मेटर की पुरानी हंसी-खुशी भरी यादों को ताज़ा किया और कुछ नई प्यारी यादें बनाईं।