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लोहिया आयुर्विज्ञान संस्‍थान की लम्‍बी छलांग, साल भर में 66 नयी पीजी सीटें स्‍वीकृत

-स्‍थापना दिवस की पूर्व संध्‍या पर निदेशक ने गिनायीं संस्‍थान की उपलब्धियां

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की निदेशक डॉ सोनिया नित्‍यानंद ने संस्‍थान की एक साल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा है कि पिछले एक साल में संस्‍थान ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। उन्‍होंने कहा कि नेशनल मेडिकल काउंसिल ने एक साल में 66 नई पोस्ट ग्रेजुएट सीटें दी हैं, जो शायद बहुत कम समय में राज्य में किसी एक संस्थान को आवंटित सीटों की सबसे अधिक संख्या में से एक है।

संस्‍थान के कल 23 सितम्‍बर को होने वाले स्‍थापना दिवस की पूर्व संध्‍या पर बुलायी गयी पत्रकार वार्ता में डॉ सोनिया ने कहा कि इसके अलावा 6 नई डीएनबी सीटों को भी मंजूरी दी गई है। 13 पोस्ट डॉक्टरल सर्टिफिकेट कोर्स की सीटें भी संस्‍थान में हैं। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेज की स्थापना कर बीएससी नर्सिंग की 40 सीटों पर कोर्स शुरू किया जा चुका है।

निदेशक ने बताया कि गुजरात के एक गैर सरकारी संगठन ने 2645 लड़कियों के मुफ्त टीकाकरण को प्रायोजित किया है, और इन लड़कियों को वैक्सीन की पहली खुराक 19 सितंबर से शुरू की गयी है, प्रथम चरण का यह टीकाकरण 26 सितंबर तक चलेगा।

उन्‍होंने कहा कि संस्थान ने पीडियाट्रिक हेपेटोलॉजी एंड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, पीडियाट्रिक्स ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स ऑप्थल्मोलॉजी, हेड एंड नेक कैंसर, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, रुमेटोलॉजी, श्रवण दोष वाले बच्चे, ब्रेस्ट क्लिनिक, स्टोमा केयर क्लिनिक, एनो-रेक्टल क्लिनिक और एंड्रोलॉजी क्लिनिक में नई विशेष सेवाएं शुरू की हैं तथा आनुवंशिक विकारों के लिए एमनियोसेंटेसिस और कोरियोनिक विलस सैंपलिंग शुरू की गई है।

डॉ सोनिया ने बताया कि संस्‍थान में पिछले साल 26 किडनी ट्रांसप्‍लांट किये, इस प्रकार अब तक यहां 136 किडनी ट्रांसप्‍लांट किये जा चुके हैं। सरकार से प्राप्‍त वित्‍तीय पोषण से एक एडवांस न्‍यूरोसाइंसेज सेंटर की स्‍थापना की जा रही है, इसमें गामा चाकू जैसे अत्‍याधुनिक उपकरण भी होंगे।

उन्‍होंने बताया कि मरीजों के पंजीकरण के लिए 33 काउंटर्स वाला पंजीकरण हॉल बनाया गया है। रियायती दर पर 24 घंटे दवाएं दिलायी जा रही हैं। मरीजों व रिश्‍तेदारों के लिए 24 घंटे सेवा वाली कैंटीन, ऑनलाइन अप्‍वाइंटमेंट व जांच रिपोर्ट की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही 20,000 लीटर की क्षमता का तरल चिकित्सा ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किया गया है।

संस्थान ने देश की पहली स्वैच्छिक प्लेटलेट डोनर रजिस्ट्री शुरू की है, जिसे बीती 14 मार्च को राजभवन से शुरू किया गया था, जिसमें 163 पंजीकरण किए गए थे इसमें अब तक 419 लोगों ने स्वैच्छिक प्लेटलेट दाताओं के रूप में पंजीकरण किया है। उन्‍होंने बताया कि संस्थान द्वारा वर्ष 2021 में 55 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें कुल 1623 यूनिट रक्तदान किया गया और वर्ष 2022 में अब तक 29 रक्तदान शिविर आयोजित किये जा चुके हैं जिनमें कुल 1221 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। पत्रकार वार्ता में निदेशक के साथ अस्‍पताल के मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ राजन भटनागर, चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ विक्रम सिंह तथा मीडिया प्रवक्‍ता डॉ एपी जैन भी उपस्थित रहे।

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