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नैक ने केजीएमयू को दिया ए ग्रेड, आयुष्‍मान भारत योजना में 1794 रोगियों का इलाज

स्‍वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कुलपति ने गिनायीं केजीएमयू की उप‍लब्धियां

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में स्वतन्त्रता की 72वीं वर्षगाठ मनाई गई। इस अवसर पर चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रांगण में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट द्वारा विश्वविद्यालय के चिकित्सकों, अधिकारियों, छात्रों एवं कर्मचारियों के मध्य ध्वाजारोहरण किया गया। इस अवसर पर कुलपति द्वारा विगत वर्षो में चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र प्राप्त की गई उपलब्धियों के सन्दर्भ में संक्षेप स्वरूप आम जनमानस को अवगत कराया गया। चिकित्सा विश्वविद्यालय को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा प्रदान की गई श्रेणियों का उल्लेख करते हुए अवगत कराया गया है कि वर्तमान समय में केजीएमयू भारत वर्ष में ही नहीं एशिया के सबसे बड़े चिकित्सा विश्वविद्यालय है, और हमारा गौरव है।

कुलपति ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सा विश्वविद्यालय में 56 विभाग, 430 संकाय सदस्य, 722 रेजीडेंट डॉक्टर्स एवं 5000 कर्मचारी कार्यरत हैं। साढ़े तीन हजार के करीब इंडोर बेड्स हैं, ट्रॉमा सेंटर में 466 बेड्स हैं एवं इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेवाओं को जोड़ दिया जाए तो 700 से 750 बेड्स है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 2000 छात्रावास के कमरे हैं अभी भी 500 छात्रावास के कमरों की कमी है भविष्य में इस समस्या का समाधान करेंगे। उन्होंने बताया कि एनआईआरएफ द्वारा इस वर्ष समस्त चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सा विश्वविद्यालय को 10वां स्थान प्रदान किया गया है तथा समस्त विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 15वां स्थान प्रदान किया है।

इसके साथ ही भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना के तहत 1794 रोगियों का इलाज किया गया है। इसके साथ ही नैक के द्वारा चिकित्सा विश्वविद्यालय को (ए) ग्रेड दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि केजीएमयू में वर्तमान समय में 193 वेंटिलेटर कार्यरत हैं। इतनी बड़ी संख्या में वेंटिलेटर देश के किसी सरकारी संस्थान में उपलब्ध नही हैं यह गौरव का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस वर्ष 50 वेंटिलेटर और खरीदे जाने हैं। चिकित्सा विश्वविद्यालय जैसे 115 वर्ष पुराने संस्थान जहां पर प्रतिवर्ष 15 लाख से अधिक मरीजों को बाह्य रोग विभाग तथा 1 लाख से अधिक मरीजों को अन्तः रोग विभाग में भर्ती कर उपचार की सुविधायें उपलब्ध कराई जाती है, चिकित्सा विश्वविद्यालय में मरीजों के तीमारदारों के उचित प्रबन्धन के लिए पावरग्रिड कारपोरेशन द्वारा लगभग 9 करोड़ रूपए से वित्त पोषित 300 शैय्या के रैन बसेरे का निर्माण किया जा रहा है।