Thursday , December 2 2021

होम्‍योपैथिक फार्मासिस्‍टों की चयन सूची 10 दिनों में जारी होगी

-उत्‍तर प्रदेश अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग पर धरना प्रदर्शन के बाद मिला आश्‍वासन

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। आज उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में चयनित होम्योपैथी फार्मासिस्ट ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया, उनकी मांग थी कि जल्दी से जल्दी उनकी अंतिम चयन सूची जारी की जाये। अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थी अधीनस्थ सेवा चयन में उपस्थित आयोग के सचिव व परीक्षा नियंत्रक से मिले, उन्होंने आश्‍वासन दिया कि अगले 10 दिनों के भीतर लिस्ट जारी की जाएगी।

यह जानकारी देते हुए फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि इस धरने को आकांक्षा, नवीन, विवेक पाल, अभिषेक यादव, प्रशांत रॉय, रणजीत, दिलीप कुमार, अजीत कुमार, आदि ने संबोधित किया। उन्‍होंने बताया कि बहुत से अभ्यर्थी ऐसे थे जो 300 km दूर से चलकर आये थे।

आयोग द्वारा वार्ता में एक सप्ताह में द्वितीय वेरिफिकेशन की बात कही गयी है। लगभग 2 माह पूर्व अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा निकाली गई विज्ञप्ति में उत्तीर्ण 420 अभ्यर्थियों ने अंतिम चयन सूची जारी करने की मांग को लेकर आज आयोग के समक्ष बड़ा धरना दिया और जल्द नियुक्ति ना करने पर अगले आंदोलन की भी चेतावनी दी।

सुनील यादव ने बताया कि प्रदेश की होम्योपैथिक डिस्पेंसरियों, चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों में फार्मेसिस्टों के 500 से अधिक पद रिक्त हैं, 420 पदों पर अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा सभी कार्यवाही किये जाने के बाद भी चयन सूची जारी न होने से चयनित फार्मेसिस्ट परेशान हैं।

फार्मेसिस्टों ने स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता को देखते हुए तत्काल चयन सूची विभाग को सौंपने की मांग की है। सुनील यादव ने बताया कि होम्योपैथ फार्मेसिस्ट के 420 पदों पर भर्ती हेतु फरवरी 2019 में विज्ञापन संख्या 02/परीक्षा/2019 द्वाराआवेदन आमंत्रित किये गए थे, 24 अक्टूबर 2019 को प्रतियोगात्मक परीक्षा संपन्न हुई थी, 1 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद 17 दिसम्बर 2020 को परिणाम आया, उत्तीर्ण परीक्षार्थियों के सभी शैक्षणिक प्रपत्रों का परीक्षण भी आयोग द्वारा 16 मार्च 21 से 20 मार्च तक किया गया, परंतु सभी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद भी चयन सूची अभी तक होम्योपैथिक विभाग को नहीं सौंपी गई है, जिससे नियुक्ति पत्र जारी नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरह चिकित्सा विभाग में मानव संसाधन की कमी है ऐसे में जो रिक्त पद है उनको तत्काल भरा जाना चाहिए।