Saturday , October 16 2021

सीएचसी और पीएचसी पर  डाक्टर जरूर रहे,  इसके लिए सरकार ने उठाया यह कदम

 

15 तरह की अंग्रेजी दवाएं लिख सकेंगे आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सक

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में ध्वस्त हो रही चिकित्सा सुविधाओं को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने एक और कोशिश की है. इसके तहत आयुष के अंतर्गत संविदा पर कार्यरत डाक्टरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात करने का निर्णय लिया है, साथ ही इन डाक्टरों को 15 प्रकार की अंग्रेजी दवाएं भी लिखने का अधिकार होगा, इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जायेगा. इन केन्द्रों पर आयुष फार्मासिस्ट की भी तैनाती की जायेगी. सूत्र बताते हैं कि इस कदम से डाक्टरों की कमी पूरी करने के साथ ही वर्तमान में संविदा पर तैनात आयुष डाक्टरों की भविष्य में नियमित तैनाती के लिए रास्ता बनेगा.

ज्ञात हो प्रदेश में डाक्टरों की बहुत कमी है, इसके लिए कई प्रकार की कोशिशें की जा रही हैं. डाक्टरों की  रिटायरमेंट की उम्र बढाने का फैसला लिया गया था. संविदा पर डाक्टरों की तैनाती की गयी लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ था. इसके अलावा समय-समय पर आयुर्वेद चिकित्सा करने वाले बीएएमएस डिग्री धारकों द्वारा अंग्रेजी दवा लिखने पर सवाल उठते रहे हैं. हालांकि आयुर्वेद डॉक्टर इसे हमेशा से गलत ठहराते आये हैं. इस पेंच को भी सुलझाते हुए सरकार ने कहा है कि 15 प्रकार की दवाओं को आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सक लिख सकेंगे, लेकिन होम्योपैथ चिकित्सक को अंग्रेजी दवा लिखने का अधिकार नहीं होगा.

स्वास्थ्य मंत्री ने हालांकि 2800 आयुष चिकित्सकों की तैनाती के लिए कहा है लेकिन स्थिति यह है कि कुल 2044 आयुष चिकित्सक ही हैं. इन्हीं की तैनाती सीएचसी और पीएचसी पर की जायेगी. इन आयुष चिकित्सकों में हर पीएचसी और सीएचसी पर एक-एक चिकित्सक तैनात होगा साथ ही जिस विधा का चिकित्सक जहाँ तैनात होगा वहां पर उसी विधा का फार्मासिस्ट भी तैनात किया जायेगा. यानी अगर आयुर्वेद चिकित्सक है तो आयुर्वेद, यूनानी चिकित्सक है तो यूनानी और अगर होम्योपैथ चिकित्सक है तो होम्योपैथ फार्मासिस्ट तैनात किये जायेंगे.

सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार जब सत्ता में आयी थी, तो उस समय 7500 चिकित्सकों की कमी थी। राज्य सरकार ने अथक प्रयास करके विगत 7 माह
में 4000 चिकित्सकों की कमी पूरी की है.  उन्होंने बताया कि सरकार चाहती है कि चिकित्सक हर जगह उपलब्ध हों। इसके लिए प्राथमिकता वाले जनपदों में चिकित्सकों की कमी पहले दूर की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि लोक सेवा आयोग से 2065 चिकित्सक चयनित होकर आये हैं, उनके तैनाती की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जायेगी। इसके अलावा 1000 एमबीबीएस डाक्टरों को संविदा पर नियुक्त किया जायेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twenty − ten =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com