2025 तक टीबी उन्मूलन के लिए घर-घर जाकर खोजे जा रहे टीबी के मरीज
लखनऊ। टीबी या क्षय रोग ऐसा संक्रामक रोग है जो मरीज के सम्पर्क में बिना सावधानी बरते आने वालों को भी होने का डर रहता है। ऐसे में अगर एक भी व्यक्ति टीबी से ग्रस्त है तो वह टीबी रोग का वाहक बन सकता है। भारत को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मुहीम के तहत सघन टीबी खोज अभियान शुरू किया गया है। अभी भी समाज में टीबी के छिपे हुए रोगी मौजूद हैं जो इसके लक्षणों को साधारण मानते हुए जीवन व्यतीत कर रहे हैं। छिपे हुए टीबी रोगियों की खोज बहुत आवश्यक है। जिस तरह से पकते हुए चावल को देखने के लिए एक दाना की जांच ही काफी है उसी प्रकार यह समझना मुश्किल नहीं है कि राजधानी लखनऊ जैसा हाल सभी जगह हो सकता है। यहां 5 दिन के दौरान कुल 3030076 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से 855 लोगों में टीबी के लक्षण पाए गए तथा इनकी जब जांच की गयी तो इनमें से 46 मरीजों को क्षय रोग से ग्रसित पाया गया।
यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे सघन टीबी खोज अभियान चलाया जा रहा है। लखनऊ में 4 सितंबर से 14 सितंबर 2018 तक 755 कर्मचारियों के दल का 52 सुपरवाइजरों की देखरेख में 510000 से ज्यादा व्यक्तियों की क्षय रोग से संबंधित स्क्रीनिंग की जाएगी इस अभियान में 5 दिन के दौरान कुल 3030076 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से 855 लोगों में क्षय रोग के लक्षण पाए गए, उन्होंने बताया कि इनकी जांच कराने के उपरांत 46 मरीजों को क्षय रोग से ग्रसित पाया गया जिनका उपचार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रारंभ कर दिया गया इन कर्मचारी मरीजों को भारत सरकार द्वारा निश्चय पोषण योजना से संबंधित आर्थिक लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
दूरदराज के इलाकों में टीबी मरीज खोजने के लिए मोबाइल वैन का उद्घाटन


भारत सरकार द्वारा जनपद लखनऊ को सघन खोज अभियान को सफल बनाने के लिए 10 सितंबर से 14 सितंबर तक के लिए एक मेडिकल मोबाइल वैन की व्यवस्था की गयी है। यह वैन क्षेत्र में भ्रमण कर मरीजों के घरों के निकट ही क्षय रोग की जांच कर सुगमतापूर्वक उनको उपचार के लिए रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। मोबाइल वैन का उद्घाटन डॉ नीरज बोरा विधायक उत्तर क्षेत्र लखनऊ द्वारा सेवा चिकित्सालय सीतापुर रोड से किया गया। कार्यक्रम के दौरान सीएमओ लखनऊ डॉ नरेंद्र अग्रवाल, डीटीओ लखनऊ डॉ बी के सिंह तथा कार्यक्रम से संबंधित दल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि यह मेडिकल मोबाइल वैन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रातः 8:00 बजे से 4:00 बजे तक कार्य करेगी तथा सायंकालीन 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक शहर के निजी चिकित्सकों एवँ अस्पतालों में इस बैन के द्वारा क्षय रोग से संबंधित मरीजों की जांच कराई जाएगी जिससे भविष्य में भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य TB फ्री प्रदेश TB फ्री देश को बनाए जाने के लिए लखनऊ के सभी निजी तथा सरकारी क्षेत्र के चिकित्सालय का भरपूर सहयोग प्राप्त किया जा सके मोबाइल वैन का प्रातः कालीन अवधि के दौरान लोकेश कुमार वर्मा तथा दिलशाद हुसैन द्वारा नेतृत्व किया जाएगा निजी चिकित्सकों तथा अस्पतालों में सायंकालीन अवधि के दौरान रामजी वर्मा एवं फहीम अहमद द्वारा दल का नेतृत्व किया जाएगा।
