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आंखों से होने वाली जांच बतायेगी चक्‍कर आने का कारण

-वीडियोनिस्‍टेग्‍मोग्राफी के जरिये आंखों के प्रतिबिम्‍ब से डायग्‍नोज करते हैं कारण

तिलकराज

बख्‍शी का तालाब-लखनऊ। चक्‍कर आना एक आम समस्‍या है, लेकिन इसके पीछे कारण अनेक हैं, यहां बख्‍शी का तालाब स्थित राम सागर मिश्र 100 शैय्या संयुक्‍त अस्‍पताल में कार्यरत कान, नाक, गला विशेषज्ञ डॉ प्रतिष्‍ठा सचान का कहना है कि चक्‍कर आने की वजह 80 फीसदी कान होता है तथा बाकी 20 फीसदी में दूसरी न्‍यूरोलॉजिकल प्रॉब्‍लम होती हैं।

एक मुलाकात में डॉ प्रतिष्‍ठा ने बताया कि अक्‍सर लोग चक्‍कर आना एक आम समस्‍या है लेकिन लोग सही उपचार तक नहीं पहुंच पाते हैं और लम्‍बे समय तक इलाज करते रहते हैं, हमेशा डर के साये में जीते रहते हैं। उन्‍होंने कहा उपचार सही न मिल पाने की वजह यह होती है कि चक्‍कर आने का कारण नहीं ज्ञात किया जाता है।

उन्‍होंने कहा कि इसके लिए आवश्‍यक यह है कि सबसे पहले लोग चक्‍कर (वर्टाइगो) स्‍पेशियलिस्‍ट या कान, नाक, गला विशेषज्ञ के पास जाना चाहिये जहां वीडियोनिस्‍टेग्‍मोग्राफी Videonystagmography जांच से चक्‍कर आने का कारण सामने आ जाता है। वीडियोनिस्‍टेग्‍मोग्राफी जांच आंखों से होती है जिसमें आंखों का प्रतिबिम्‍ब लेकर मशीन बताती है कि शरीर के किस भाग में दिक्‍कत है जिससे चक्‍कर आ रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि जैसा कि मैंने बताया कि चक्‍कर होने का 80 प्रतिशत कारण कान होता है, अगर कान की वजह से चक्‍कर आना स्‍पष्‍ट हो जाता है तो उसका तुरंत उपचार संभव है। अगर किसी अन्‍य वजह न्‍यूरोलॉजी, हड्डी या कोई अन्‍य वजह से चक्‍कर आ रहा है तो सम्‍बन्धित विशेषज्ञ से मिलकर उपचार कराना चाहिये।

देखें वीडियो-चक्‍कर आने पर इधर-उधर चक्‍कर न लगायें, वीडियोनिस्‍टेग्‍मोग्राफी जांच करायें

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