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डॉ सूर्यकांत के पुरस्‍कारों की माला में एक और मोती

प्रतिष्ठित डा0 डी0 एन0 शिवपुरी ओरेशन पुरस्कार से सम्मानित

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सूर्यकान्त को इण्डियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी द्वारा प्रतिष्ठित डा0 डी0 एन0 शिवपुरी ओरेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें दिल्ली में इण्डियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी द्वारा राष्ट्रीय कांन्फ्रेंस (इकाईकॉन-2019) में प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें एलर्जी एवं अस्थमा के क्षेत्र में उनके द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यों के चलते प्रदान किया गया है। डा0 डी0एन0 शिवपुरी को भारत में एलर्जी का जनक कहा जाता है। डा0 शिवपुरी ने 1955 में केजीएमयू के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग से ही एम0डी0 उत्तीर्ण की और उसके पश्चात दिल्ली स्थित वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीटयूट में कार्यरत रहे। इसके साथ ही उन्होंने इंडियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी की स्थापना में भी प्रमुख भूमिका निभाई।

आपको बता दें कि डा0 सूर्यकान्त इण्डियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही चेस्ट रोगों के विशेषज्ञों की राष्ट्रीय संस्था नेशनल कालेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन (एन0सी0सी0पी0) के भी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पूर्व में डा0 सूर्यकान्त इण्डियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के मेडिकल साइंस प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इण्डियन चेस्ट सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे उत्तर प्रदेश ट्यूबरकुलोसिस स्टेट टास्क फोर्स, के चेयरमैन पद पर भी कार्यरत है। वे आईएमए एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज उ0प्र0 के भी चेयरमेन हैं एवं आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

प्रो सूर्यकान्त

डा0 सूर्यकान्त एलर्जी, अस्थ्मा तथा चेस्ट रोगों से सम्बंधित विषयों पर 15 किताबें भी लिख चुके हैं, इसके अलावा एलर्जी, अस्थ्मा के क्षेत्र में उनके अनेक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अन्र्तराष्ट्रीय जनरल्स में प्रकाशित हो चुके है। वे पिछले दो दशक से अधिक समय से अपने लेखों व वार्ताओ के माध्यम से लोगो में एलर्जी, अस्थ्मा से बचाव व उपचार के बारे मे जागरूकता फैला रहे हैं।

डा0 सूर्यकान्त को पहले भी अमेरिकन कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन, ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन ऑफ इण्डिया, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन, इण्डियन चेस्ट सोसाइटी, नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन आदि संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें उ0 प्र0 सरकार द्वारा विज्ञान गौरव अवार्ड (विज्ञान के क्षेत्र में उ0प्र0 का सर्वोच्च पुरस्कार) और राज्य हिन्दी संस्थान द्वारा विश्वविद्यालय स्तरीय हिन्दी सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। डा0 सूर्यकान्त का अब तक यह 115वाँ सम्मान है।

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