-मंडलायुक्तों के माध्यम से भेजे गये ज्ञापन, लखनऊ में महामंत्री के नेतृत्व में गया प्रतिनिधिमंडल
सेहत टाइम्स
लखनऊ। जनपद कुशीनगर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैनात जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) एवं मातृ स्वास्थ्य कंसल्टेंट के साथ अनुचित व्यवहार किये जाने एवं उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त किये जाने के मामले में पिछले दिनों संयुक्त उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने विरोध जताते हुए इस विषय में मिशन निदेशक को पत्र लिखा था, इसी क्रम में प्रदेश संगठन ने आज 4 अप्रैल को प्रदेशभर में मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। साथ ही कहा गया है कि यदि प्रकरण में सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होना पड़ेगा।
ज्ञात हो संयुक्त उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने गंभीर आरोप लगाया है कि कहा है कि कुशीनगर जनपद में संविदा एएनएम/एसएन भर्ती के एक मामले में, पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) एवं मातृ स्वास्थ्य कंसल्टेंट के विरुद्ध विभित्र धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मिशन निदेशक के आदेशानुसार उक्त प्रकरण की जांच वर्तमान में प्रचलित है। वर्तमान में, इन संविदा कर्मियों के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है एवं उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
संगठन का कहना है कि बीती 28 मार्च 2025 को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जब तक संविदा कर्मी दोषमुक्त नहीं हो जाते, तब तक उनकी पत्रावलियां स्वीकार न की जाएं। संगठन ने यह भी कहा था कि जब संबंधित संविदा कर्मियों द्वारा जिलाधिकारी से मिलकर अपना पक्ष रखने का प्रयास किया गया, तो जिलाधिकारी ने उन्हें अपमानित करते हुए सभा से बाहर निकाल दिया और धमकी दी कि यदि वे पुनः सामने आए तो उन्हें गिरफ्तार करवा देंगे।


संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश की लखनऊ मंडल की संयोजक बिंदुमती द्वारा आज 4 अप्रैल को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस प्रकरण में प्रदेश भर के मंडलायुक्तों को ज्ञापन सौंपा गया है, लखनऊ में प्रदेश महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में मंडलायुक्त कार्यालय मेंअपर मंडलायुक्त प्रशासन राधेश्याम को ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन में जो मांगें रखी गईं हैं उनमें कहा गया है कि ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन में जो मांगें रखी गईं हैं उनमें कहा गया है कि कुशीनगर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। प्रदेश के अन्य जिलों में भी संविदा कर्मियों के साथ हो रहे उत्पीड़न की घटनाओं का संज्ञान लिया जाए तथा संविदा कर्मियों की सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए नीति बनाई जाए।
सुनवाई न हुई तो आंदोलन के लिए बाध्य होगा संगठन
प्रदेश महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि यदि प्रशासन ने संविदा कर्मियों के उत्पीड़न को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस अवसर पर संविदा कर्मियों ने काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया और सरकार से संविदा कर्मचारियों को सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करने की मांग की।
इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप तिवारी, मंडल संयोजक बिंदुमती, जिला अध्यक्ष डॉ. अभयानंद, जिला महामंत्री संजय वर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
