Wednesday , March 18 2026

एसजीपीजीआई में गर्भावस्था और प्रसवोपरांत किये जाने वाले योग आसन सिखाये

-विश्व योग सप्ताह में मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य विभाग ने आयोजित किया कार्यक्रम

सेहत टाइम्स

लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज ‘गर्भावस्था के दौरान योग’ पर एक सत्र आयोजित किया गया। गर्भवती और प्रसवोत्तर महिलाओं, उनके परिवार के सदस्यों, कर्मचारियों और डॉक्टरों सहित लगभग 60 लोगों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया।

योगाचार्य एस के मिश्रा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान प्रारंभिक और अंतिम की अवधि में योग कैसे करें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को ताड़ासन, त्रिकोणासन, बद्धकोणासन सहित विभिन्न आसन और भस्त्रिका एवं नाड़ी शोधन प्राणायाम सिखाए। उन्होंने प्रसव के बाद वजन घटाने, लचीलापन बढ़ाने और ताकत हासिल करने में आसनों की भूमिका पर जोर दिया और इसके लिए विभिन्न आसन जैसे अर्धचक्रासन, शशकासन, सर्पासन, भुजंगासन, शलभासन, पदोत्तानासन, पवनमुक्तासन आदि सिखाए।

निदेशक प्रोफेसर आरके धीमन ने मां और बच्चे दोनों के लिए योग के लाभों पर जोर दिया और महिलाओं को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रोत्साहित किया। डीन, प्रोफेसर शालीन ने भ्रूण में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने और जन्म के समय वजन में सुधार के लिए योग की भूमिका पर जोर दिया। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर वीके पालीवाल ने चिंता, तनाव, मूड में बदलाव और प्रसवोत्तर अवसाद को दूर करने में योग की भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. नीता सिंह द्वारा किया गया ।