सर्दी में बच्चे के साथ लापरवाही यानी निमोनिया को दावत

लखनऊ। आजकल जाड़े के मौसम में बच्चों को ठंड से बचाये रखना बहुत जरूरी है। यूं तो ठंड से बचाव सभी के लिए आवश्यक है लेकिन छोटे बच्चों का विशेष ख्याल इसलिए भी रखना जरूरी है क्योंकि वे ठंड लगने पर बड़ों की तरह खुद अपना बचाव नहीं कर पाते हैं उनका बचाव हमें ही करना होता है।
इस बारे में डॉ राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय के  मुख्य चिकित्सा अधीक्षक  डॉ ओमकार यादव ने बताया कि आजकल के दिनों में छोटे बच्चों को ठंड लगने से रेस्पाइरेटरी सिस्टम यानी श्वसन तंत्र में दिक्कत पैदा हो जाती है। खांसी, जुकाम, बुखार के चलते बच्चे बीमार हो जाते हैं। माता-पिता को चाहिये जाड़े के मौसम में बच्चे को सर्दी से बचाकर रखें क्योंकि  लम्बे समय तक बच्चे को सर्दी से बचाने में ध्यान न देने पर निमोनिया होने का डर बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि जाड़े में बच्चों को कोल्ड डायरिया की समस्या पैदा हो जाती है, और उन्हें लूज मोशन आने लगते हैं। डॉ यादव बताते हैं कि  बहुत से माता-पिता लूज मोशन आने पर बच्चे को खाना-पीना देना बंद कर देते हैं जो कि गलत है, बच्चे का खाना-पीना नहीं बंद करना चाहिये वरना डीहाईड्रेशन की समस्या पैदा हो सकती है। पानी के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि साफ या उबला हुआ सामान्य तापमान वाला पानी बच्चे को देना चाहिये।