इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ा तो समझो शरीर का संतुलन बिगड़ा

विद्या प्रिया

लखनऊ। इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन हमारे शरीर के लिए अत्यावश्यक है। ये वे खनिज हैं जो हमारी तंत्रिका और मांसपेशियों, शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन के साथ ही शरीर के अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं। इलेक्ट्रोलाइट्स हमारे शरीर में कैल्शियम, क्लोरीन, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, पोटेशियम और सोडियम के रूप मेें मौजूद होते हैं। खाने पीने की चीजों से हमारे शरीर में इनकी पूर्ति होती रहती है।
इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन से मांसपेशियों में दर्द, ऐंठन, कमजोरी, बेचैनी, चिंता, भ्रम की स्थिति होना, एक क्षण के लिए चेतना की कमी होना, लगातार सिरदर्द, ज्यादा प्यास, अनिद्रा, बुखार, दिल तेजी से धडक़ना, कभी तेज कभी धीमे धडक़ना, जोड़ों में दर्द, अस्थि विकार जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

बुढ़ापे में इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन से बचना है तो पहले से ही रखें ध्यान

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की डायटीशियन विद्या प्रिया बताती हैं कि इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन सामान्यत: 55 वर्ष की उम्र के बाद देखा गया है, इसलिए इससे बचने के लिए आवश्यक है कि हम अपने खानपान का ध्यान पहले से ही रखें और ऐसी चीजों का सेवन करें जिनसे इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन कभी न हो। उन्होंने बताया कि इसके लिए जरूरी है कि लगभग 40 वर्ष की आयु से ही लोगों को मट्ठा, जलजीरा, नारियल पानी, गुड़ के साथ सत्तू, बेल का शर्बत आदि का सेवन करते रहना चाहिये।

वृद्धावस्था में विशेष ध्यान रखें डाइट का

विद्या प्रिया ने बताया कि वृद्धावस्था में शरीर के अंग कमजोर हो जाते हैं इसलिए जरूरी है कि वृद्ध व्यक्ति को ऐसी चीजें खाने को दें जो आसानी से पच सकें। उन्होंने बताया कि देखा गया है कि अस्पताल में आने वाले 90 प्रतिशत वृद्ध मरीजों को एनीमिया और कब्ज की शिकायत होती है। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर्स रोग जिसमें मनुष्य की याददाश्त कम हो जाती है और पीडि़त व्यक्ति रोज के काम करने में कठिनाई महसूस करता है। इसमें मरीज के दिमाग के सेल्स सिकुड़ जाते हैं। इस रोग से ग्रस्त व्यक्ति को केला, पालक, शकरकंद देना चाहिये इसमें बी-6 होता है जो कि ब्रेन के सेल्स को सिकुडऩे से रोकता है।

पार्किन्सन के मरीजों को दें तरल खाद्य पदार्थ

विद्या प्रिया ने बताया कि पार्किन्सन के मरीजों को निगलने में दिक्कत होती है इसलिए इन्हें ऐसी चीजें देनी चाहिये जिन्हें व्यक्ति आसानी से निगल सकें। ऐसे लोगों को पतला सत्तू, दलिया, सूजी की खीर, सूप आदि देना चाहिये।