-डेंगू, चिकनगुनिया जैसे संचारी रोगों से ग्रस्त रोगियों के लिए पर्याप्त रक्त मौजूद
-जरूरत पड़ने पर बिना डोनर भी रक्त उपलब्ध कराया जा सके, भी था अभियान का उद्देश्य

सेहत टाइम्स
लखनऊ। बीते 13 सितम्बर को भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भव का शुभारम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत 17 सितम्बर 2023 से 2 अक्टूबर 2023 तक सेवा पखवाड़ा का तथा “रक्तदान-महादान” विषय-वस्तु के साथ स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के रूप में आयोजन किया गया। इस अभियान में विभिन्न राजकीय एवं गैर-राजकीय संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं आदि का सहयोग लिया गया। इस अभियान का परिणाम यह रहा कि प्रदेशव्यापी संचारी रोगों जैसे-डेंगू, चिकनगुनिया से प्रभावित नागरिकों को यथा-आवश्यकता रक्त की आपूर्ति की जा सकने के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्तकोषों में रक्त की उपलब्धता हो गयी है। सेवा पखवाड़े के दौरान आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में कुल 25,207 यूनिट रक्तदान संभव हो सका है, जोकि स्वयं में एक रिकॉर्ड है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जन-सामान्य में रक्तदान से जुड़ी हुयी भ्रांतियों को दूर करते हुए रक्त-केन्द्रों में रक्त की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित करना एवं प्रतिस्थानी रक्त पर निर्भरता कम करते हुए जरूरतमंदों को प्राथमिकता पर बिना प्रतिस्थानी रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना था। इस आशय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा समय-समय पर पर्याप्त दिशा-निर्देश प्रेषित किये गए जिसके अनुसार समन्वय स्थापित कर अभियान का सफल आयोजन सम्पन्न हो।
रक्तकेन्द्रों में रक्त की प्रचुर उपलब्धता के लिए सभी विभागों के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का रोस्टर बनाकर 1801 शिविरों का आयोजन कराया गया। इस विशेष पखवाड़े में समस्त जनपदों में संचालित रक्तकेन्द्रों द्वारा जनमानस को जागरूक करते हुए 17 सितम्बर, 2023 को वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया । 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविरों में भी अपूर्व जन-सहभागिता रही।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदत्त ब्लड कलेक्शन एवं ट्रान्सर्पोटेशन वैन (बीसीटीवी वैन) का उपयोग करते हुए जनपद के दूरस्थ स्थानों यथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, तहसील, ब्लॉकों, ग्रामों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में भी स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन कराया गया एवं संगोष्ठी आदि के माध्यम से छात्रों एवं सामान्य जन-मानस को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए अधिकाधिक भावी रक्तदाता पंजीकरण करते हुए सूचीबद्ध किया गया। विभिन्न प्रचार-प्रसार की गतिविधियों के माध्यम से जनमानस विशेष कर युवाओं में स्वैच्छिक रक्तदान से जुड़ी हुई भ्रान्तियों को दूर करते हुए जनसामान्य को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत 29,298 नये स्वैच्छिक रक्तदाता का पंजीकरण ई-रक्तकोष पोर्टल पर किया गया। अब आकस्मिकता के समय रक्त की आवश्यकता पड़ने पर रक्तदाता से सीधे संपर्क संभव हो सकेगा। इस अभियान के अन्तर्गत स्वैच्छिक रक्तदाताओं को उनके पुनीत कार्य की सराहना करते हुए उनके विशेष योगदान लिए प्रमाण पत्र प्रदान दिया गया।
