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14 माह से लगातार कोविड ड्यूटी करने वाले कर्मी को भी नहीं मिल रही भर्ती

-मरीजों की जबरदस्‍त भरमार, स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍थाएं लाचार

-रिटायर्ड मैट्रन चार घंटे से कर रहीं एम्‍बुलेंस का इंतजार

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते स्थिति यह हो गई है कि मरीजों की भरमार है और व्यवस्था लाचार है। हालात ये हैं कि सोशल मीडिया पर हर तरफ अपनों अपनों के लिए मदद की गुहार लगाते मैसेज चल रहे हैं, मैसेजों के जवाब में प्रशासन द्वारा उपलब्‍ध कराये गये नम्‍बर बताने के सिवाय मददगार कुछ नहीं कर पा रहे हैं।  स्थिति यह हो गई है की स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों स्वास्थ्य सेवाओं में लगे कर्मचारियों को भी सहायता उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

ऐसे ही दो मामलों की जानकारी मिली है, एक में बलरामपुर अस्‍पताल की सेवानिवृत्‍त मैट्रन जो पिछले चार घंटे से एम्‍बुलेंस का इंतजार कर रही हैं, इनका ऑक्‍सीजन लेवल 35 पहुंच चुका है। दूसरा मामला संविदा पर कार्यरत लैब टेक्‍नीशियन का है, जो मशक्‍कत के बाद लोकबंधु अस्‍पताल में भर्ती होने के बाद से तबीयत बिगड़ने पर उसे अब लेवल 3 अस्‍पताल केजीएमयू या एसजीपीजीआई चाहिये।

संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री योगेश उपाध्याय द्वारा अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को संबोधित पत्र में लिखा है कि जनपद लखनऊ में रितेश राज मिश्रा लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है रितेश की कर्मठता का अंदाज इस तरह से लगाया जा सकता है कि रितेश ने 14 फरवरी 2020 यानी करीब 14 माह पूर्व अब तक कोविड में लगातार बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के सैंपल एकत्रित करने का कार्य किया है।

पत्र में लिखा है कि रितेश राज मिश्रा के कार्यों से प्रभावित होकर स्वास्थ्य मंत्री, यूनिसेफ, स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश, लखनऊ प्रशासन एवं अनेक अन्य संगठनों द्वारा उनके कार्य की प्रशंसा की जा चुकी है पत्र के अनुसार कोविड ड्यूटी में कार्य करते हुए रितेश बीते 10 अप्रैल को कोविड से संक्रमित हो गए और खुद को होम आइसोलेशन में रखकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे 16 अप्रैल को रितेश का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने के कारण उन्हें लोकबंधु अस्पताल में देर रात भर्ती कराया गया था मगर रितेश की स्थिति लगातार बिगड़ रही है इसे देखते हुए उन्हें लेवल 3 एसजीपीजीआई या केजीएमयू स्थित अस्पताल की आवश्यकता है पत्र में कहा गया है कि कोविड कंट्रोल रूम लखनऊ द्वारा भेजे अनुरोध को विगत 2 दिनों से स्वीकार नहीं किया जा रहा है। योगेश ने अनुरोध करते हुए लिखा है कि रितेश को पीजीआई या केजीएमयू में भर्ती कराते हुए समुचित इलाज दिलाए जाने की व्यवस्था करें जिससे रितेश राज मिश्रा को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सके तथा अन्य समस्त कार्मिकों के अंदर इलाज ना मिल पाने का डर समाप्त हो सके और वह सभी को वित्त के कार्य करते हुए जन सेवा कर सकें।