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बढ़ा भत्ता जब एसजीपीजीआई दे सकता है तो केजीएमयू क्यों नहीं

-राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ प्र के महामंत्री ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को लिखा पत्र

-केजीएमयू में कार्यरत शैक्षणिक/गैर शैक्षणिक अधिकारियों/कर्मचारियों में रोष

अतुल मिश्रा

सेहत टाइम्स

लखनऊ। केजीएमयू में कार्यरत शैक्षणिक/गैर शैक्षणिक अधिकारियों/कर्मचारियों को एसजीपीजीआई के समान भत्ते प्रदान न किये जाने से कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से इस विषय में आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ प्र के महामंत्री अतुल मिश्रा ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि 23 अगस्त 2016 को चिकित्सा शिक्षा, उ0प्र0 शासन द्वारा केजीएमयू में कार्यरत शैक्षणिक/गैर शैक्षणिक अधिकारी/कर्मचारियों को एसजीपीजीआई के समान समस्त भत्ते प्रदान करने का शासनादेश जारी कर दिया था, उक्त के क्रम में केजीएमयू प्रशासन द्वारा वेतन एवं भत्ते प्रदान किये जा रहे है।

उल्लेखनीय है कि एसजीपीजीआई लखनऊ द्वारा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर एचआरए, चाइल्ड एजुकेशन एलाउन्स एवं ट्रांसपोर्ट एलाउन्स को क्रमशः बढ़ाते हुये मार्च पेड अप्रैल माह के वेतन में सबको प्रदान कर दिया गया।

अत्यन्त खेद का विषय है कि केजीएमयू प्रशासन द्वारा उक्त शासनादेश के क्रम में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को भत्तो में बढ़ोतरी कर प्रदान नहीं किया गया जिसमें कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त होना स्वाभाविक है।

श्री मिश्रा ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से मांग की है कि भत्तों की समानता के प्रकरण पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुये एसजीपीजीआई की भांति केजीएमयू में कार्यरत कर्मियों को समस्त भत्ता प्रदान करने के लिए निर्देशित करें जिससे सद्भाव का वातावरण बना रहे और इस भीषण महंगाई में कर्मचारी अपने परिवार का भरण पोषण ठीक तरह से कर सके और अपने कार्य एवं दायित्व को पूर्ण मनोयोग से करे।

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