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उत्तर प्रदेश को मिला पहला ह्यूमैन मिल्क बैंक, केजीएमयू में अब घर बैठे टेली मेडिसिन से इलाज

424 करोड़ रुपये की 35 परियोजनाओं का लोकार्पण व दो का शिलान्‍यास  

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍व विद्यालय में मंगलवार को प्रदेश के पहले ह्यूमैन मिल्‍क बैंक की शुरुआत हुई, इसी के साथ संस्‍थान में टेली मेडिसिन सेंटर का भी शुभारम्‍भ भी मंगलवार को हो गया। इसके अतिरिक्‍त हाईपर बैरिक ऑक्‍सीजन थैरेपी सिस्‍टम और 15 विभागों में 970 किलोवाट बिजली के लिए सौर ऊर्जा संयंत्रों का लोकार्पण भी इसी दिन हुआ। अटल बिहारी साइंटिफि‍क कन्‍वेंशन सेंटर में आयोजित एक समारोह में केजीएमयू की इन चार परियोजनाओं के साथ ही प्रदेश के अन्‍य मेडिकल कॉलेजों में कुल मिलाकर 424 करोड़ की 35 परियोजनाओं का शुभारम्‍भ व दो परियोजनाओं का शिलान्‍यास किया गया। ये सभी लोकार्पण व शिलान्‍यास प्रदेश के चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने किये। इस मौके पर प्रदेश सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे।

 

ह्यूमन मिल्क बैंक की स्थापना PATH फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से की गई है, जो कि एक गैर लाभकारी संगठन है एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करता है। ह्यूमन मिल्क बैंक को नेशनल हेल्थ मिशन के द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रोद्योगिकी मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का क्षेत्र उत्तर प्रदेश सरकार के लिए प्राथमिकता है और विगत दो वर्षो में इस विभाग में जितने रिकार्ड कार्य हुए है वह पिछले 20 वर्षों में नहीं हुए थे।

 

मंत्री ने कहा ह्यूमन मिल्क बैंक का शुभारम्भ उत्तर प्रदेश में उन माताओं एवं शिशुओं की मदद करने के हमारे प्रयास में यह पहला कदम है जो स्वस्थ जीवन जीने के अधिकारी हैं।

विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि परम्परागत ऊर्जा संसाधन मंत्रालय भी उनके ही पास है और आज केजीएमयू में सौर ऊर्जा संयंत्र के स्थापित किए जाने के साथ ही भविष्य में भी उनके इस विभाग द्वारा विभिन्न मेडिकल कॉलेज मे ऐसी परियोजनाओं को स्थापित किए जाने को लेकर हर संभव मदद की जाएगी।

 

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉ रजनीश दुबे ने इन परियोजनाओं को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर बताते हुए राज्य सरकार द्वारा तेजी से किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई।

केजीएमयू के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट ने प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज की इन 37 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास चिकित्सा संस्थान में किए जाने को लेकर इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग पिछले दो वर्षो से अत्यंत तीव्र गति से कार्य कर रहा है जो कि अभूतपूर्व है और यह केजीएमयू के लिए गर्व का विषय है कि भारत सरकार की इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में चिकित्सा संस्‍थान  भी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहा है।

 

कार्यक्रम का संचालन ट्रॉमा सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप तिवारी ने किया। इस अवसर पर चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के सचिव मुकेश मेश्राम, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ केके गुप्ता, चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट, बाल रोग विभाग की डॉ माला कुमार, डॉ शालिनी त्रिपाठी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ विनीता दास, डॉ रेनू, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ  अमिता जैन, डॉ शीतल वर्मा, PATH फाउंडेशन के कंट्री हेड नीरज जैन, डिप्टी डायरेक्टर रूचिका सचदेवा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।