Monday , July 15 2024

अभी तक 7 करोड़ 72 लाख से ज्यादा लोग ले चुके हैं रोजाना योग की शपथ

-अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लेख एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सपन अस्थाना की कलम से

डॉ सपन अस्थाना

योग: कर्मसु कौशलम् – योग से आती है हमारे कर्मों में कुशलता, ” करो योग और रहो निरोग ” में सम्पूर्ण योग का सारतत्व निहित है, 2014 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69 वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान 21 जून को इस दिन को मनाने का विचार प्रस्तावित किया था। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पहली बार 2015 में मनाया गया था और तब से हर साल पूरे जोश के साथ मनाया जाता है।

अतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 का विषय ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ है। योग के महत्व पर बात करें तो निश्चित हम कह सकते हैं कि नियमित योग मानसिक स्वास्थ्य में सुधार,शारीरिक लचीलापन बढ़ाता है, तनाव कम करता है, जीवन की गुणवत्ता में सुधार करता हैं ,और दर्द और पीड़ा से बचाता है, हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाता है, स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है, शांति को बढ़ावा देता है और बीमारियों को रोकने में मदद करता है इतने अनगिनत लाभों के कारण सम्पूर्ण विश्व 21 जून को पूर्ण उत्साह के साथ इस दिवस को मना कर समाज में अच्छे स्वास्थ्य की अलख जगा रहे हैं, कोविड-19 में वैश्विक महामारी में भी योग महा औषधि के रूप में सर्व मान्य रहा ।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार 20 जून 2024 तक 77264722 लोगों ने इस बात की शपथ ली है कि वे प्रतिदिन योग को अपने जीवन का एक अहम् हिस्सा बनाएंगे। निश्चित यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की लोकप्रियता का संकेत है, आज योग स्वयं में सम्पूर्ण विधा बन चुका है, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी , संस्थान कोई भी इसे आगे बढ़ाने में पीछे नहीं है, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने तो योग में UGC नेट कि परीक्षा भी संपन्न करने लगी है जिससे योग विधा के विद्यार्थी उच्च शिक्षा में अपना करियर बना कर राष्ट्र कि सेवा कर सकें , हर शिक्षा संस्थान में योग के शिक्षक रखे जा रहे है, हॉस्पिटल, वैलनेस क्लिनिक हर जगह योग शिक्षक की बहुत डिमांड है। योग प्रबंधन जैसे नए आयामों का विकास हो रहा है , घर घर में योग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, ताड़ासन बहुत लोकप्रिय आसन के रूप में प्रचलित हो रहे हैं । जगह-जगह योग सप्ताह, योग पखवारा, योग माह , योगोत्सव बड़े धूम धाम से मनाया जा रहा है।

निश्चित इन सभी प्रयासों से विश्व योग दिवस की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है जो भारत के लिए अत्यंत गर्व का विषय है । यह उस समय और प्रासंगिक हो जाता है जब राष्ट्र के प्रधानमंत्री जो लगातार तीन बार से विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश के प्रधानमंत्री पद पर 9 जून को शोभायमान हुए और 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर श्रीनगर से सम्पूर्ण विश्व को भारत के प्राचीन योग को जीवन में आत्मसात करने का सन्देश देंगे।

(लेखक डॉ सपन अस्थाना, महर्षि स्कूल ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट, महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, लखनऊ में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.