Sunday , August 1 2021

मंत्री ने कहा, आउटसोर्सिंग कर्मियों के भविष्‍य का फैसला गुरुवार तक

-संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ उ प्र के प्रतिनिधिमंडलन ने की मुलाकात
-20 सितम्‍बर से चल रहा अस्‍पतालों में प्रदेशव्‍यापी दो घंटे कार्य बहिष्‍कार जारी

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। यूपीएचएसएसपी परियोजना बंद होने की स्थिति में इस परियोजना के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों का भविष्‍य क्‍या होगा, क्‍या इन्‍हें सरकार द्वारा लायी जाने वाली परियोजना में भी क्‍या रखा जायेगा या नहीं, इन सब सवालों का जवाब गुरुवार तक मिल सकता है।

दरअसल उत्‍तर प्रदेश के चिकित्‍सा, स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जय प्रताप सिंह से बुधवार को संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ उ प्र का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधिमंडल के अपनी मांगों को लेकर मंत्री से गुहार लगायी, इस पर मंत्री ने पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि कल तक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव से वार्ता कर मामले में कोई मजबूत निर्णय कराया जाएगा। दूसरी ओर इन कर्मचारियों का चल रहा दो घंटे का कार्य बहिष्‍कार बुधवार को भी जारी रहा।

संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ उ प्र के अध्‍यक्ष  रितेश मल्‍ल व मीडिया प्रभारी सच्चिदानंद ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि क्रमबद्ध आंदोलन के तहत ठोस निर्णय होने तक कार्य बहिष्‍कार जारी रहेगा। दो घंटे कार्य बहिष्‍कार बीती 20 सितम्‍बर से चल रहा है। उन्‍होंने बताया कि लखनऊ में चुनाव आचार संहिता को देखते हुए धरना प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के कारण 27 सितंबर को होने वाला इको गार्डन धरना स्थगित करके 27 सितंबर को भी कार्य बहिष्कार का फैसला संगठन द्वारा किया गया है। 2 घंटे का कार्य बहिष्कार प्रदेश में तब तक जारी रहेगा जब तक कोई मजबूत निर्णय कर्मचारी हित में शासन द्वारा नहीं लिया जाता।

उन्‍होंने बताया कि क्रमबद्ध आंदोलन में आज प्रदेश के तमाम जनपदों में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया गया। कार्य वहिष्कार में ई हॉस्पिटल परियोजना ,यूपीएचएसएसपी  परियोजना के कर्मचारी, निकाले गए अवनी परिधि के नर्सिंग स्टाफ के साथ में अन्य कर्मचारी भी शामिल हुए। जिसका मेडिकल कालेज बांदा, इलाहाबाद ,मेरठ तथा केजीएमयू के कर्मचारियों ने समर्थन करते हुए काला फीता बांधकर काम किया है ।

प्रदेश के आगरा, मेरठ, इलाहाबाद, जौनपुर, प्रतापगढ़, उन्नाव, कानपुर, लखनऊ, सहारनपुर, इटावा, गाजियाबाद, मैनपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या, देवरिया सहित अन्य जनपदों में भी कर्मचारियों ने इमरजेंसी सेवा को छोड़कर 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया। नेताद्वय ने बताया कि यूपीएचएसएसपी परियोजना को बढ़ाए जाने, ई हॉस्पिटल परियोजना के कर्मचारियों का सेवा विस्तार, निकाले गए नर्सिंग स्टाफ कर्मचारियों की बहाली, आउटसोर्सिंग की स्थायी नीति, न्यूनतम वेतन रु 18000, मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी, एसजीपीजीआई के कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी से संबंधित 5 सूत्री मांग पत्र के निराकरण के लिए शासन स्तर से मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव से हस्तक्षेप की मांग की गई है।

उन्‍होंने बताया कि इस मामले को लेकर आज मंत्री चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण जय प्रताप सिंह से संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। मंत्री द्वारा मिशन निदेशक एनएचएम पंकज कुमार को बुलाया गया और उनके सामने पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। मंत्री एवं निदेशक एनएचएम पंकज कुमार द्वारा बताया गया कि यूपीएचएसएसपी परियोजना बंद हो रही है शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ पालिसी बनाई जा रही है, जिसके द्वारा कर्मचारी रखे जाएंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि कोई भी नई पॉलिसी नई व्यवस्था न बनाते हुए यूपीएचएसडी परियोजना को एन आर एच एम् द्वारा विस्तारित किया जाए। प्रदेश में 2200 नर्सिंग स्टाफ के जो पद सृजन की प्रक्रिया चल रही है उसको तत्काल अनुमोदित कर के पूर्व में कार्यरत कर्मचारियों को रखा जाए। ई हॉस्पिटल परियोजना का सेवा विस्तार किया जाए।

नेताद्वय का कहना है कि विभिन्न जिलों में प्रदर्शन के दौरान मंत्री द्वारा दौरा करने के बाद भी कोई निर्णय न आना शासन द्वारा कर्मचारियों की उपेक्षा है। इस प्रकार कर्मचारी आक्रोशित होकर कार्य बहिष्कार को मजबूर हैं। उन्‍होंने कहा कि संविदा कर्मचारी संघ कभी भी यह नहीं चाहता कि स्वास्‍थ्‍य सेवाएं बाधित हों लेकिन शासन द्वारा उचित निर्णय न होने के कारण कर्मचारी आंदोलनरत हैं।

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