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बच्चों की तरह करें पेड़ों की परवरिश : डॉ. अरुण कुमार

केजीएमयू में रोटरी रेस्परेटरी हर्बल पार्क का शुभारम्भ


सेहत टाइम्स


लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस पर केजीएमयू रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग ने एक अनूठी पहल की। सांस से जुड़े मरीजों के इस विभाग ने अपने परिसर में रोटरी क्लब के सहयोग से रोटरी रेस्परेटरी हर्बल पार्क की स्थापना की है। जिसका शुभारम्भ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार ने किया। इसके साथ ही रोटेरियन सुनील गुप्ता के सहयोग से उनके माता-पिता की याद में रोगी परिजन विश्राम गृह का भी उद्घाटन किया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि अगर धरती और पर्यावरण को बचाए रखना है तो परिवार के हर सदस्य अपने जीवन में एक पेड़ अवश्य लगाएं। इसके साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि पेड़ लगाने से ज्यादा जरूरी उसकी परवरिश करना है। हम जिस तरह अपने बच्चों की परवरिश करते हैं, उसी तरह हमें पेड़-पौधों की परवरिश करना चाहिए। ताकि वह अपनी शीतल छाया से जीवन को धन्य बना सकें।

उन्होंने कहा कि इसलिए पेड़ ऐसे स्थानों पर लगायें जहां चहारदीवारी हो या ट्री गार्ड की व्यवस्था हो। पौधारोपण के साथ ही उसकी जियो टैगिंग के माध्यम से निगरानी भी की जाएगी। उन्होंने लोगों से फलदार वृक्ष लगाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मैंने इसी विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर धन के साथ यश-कीर्ति को कमाया है। अब समय आया है कि विश्वविद्यालय को उसके बदले में कुछ लौटा सकूं।


-वृक्ष कटने से पिघल रहे हैं ग्लेशियर : डॉ पुरी


केजीएमयू के कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने कहा पर्यावरण संरक्षण दिवसअब केवल जागरूकता के लिए ही नहीं अपितु एक प्रयास के रूप में भी मनाना चाहिए हर व्यक्ति को पौधारोपण करना चाहिए। वृक्षों के कटने का तापमान पर असर पड़ रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं।


65 साल की उम्र तक पांच करोड़ की ऑक्सीजन ले चुका होता है व्यक्ति : डॉ सूर्यकांत


रेस्परेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने रोटरी क्लब आफ लखनऊ को इस पुनीत कार्य में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा प्रदूषण रहित और हरा-भरा पर्यावरण हमारी जिंदगी और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि एक दिन में एक व्यक्ति को 350 से 500 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इस हिसाब से लगभग 65 साल तक की उम्र में हम पेड़-पौधों से लगभग पांच करोड़ रुपये की ऑक्सीजन लेते हैं। इसलिए उन पेड़-पौधों के शुक्रगुजार बनिए और पौधरोपण अवश्य करें।

डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि पूरी दुनिया में 100 करोड़ से ज्यादा लोग धूम्रपान करते हैं, इसकी वजह से करीब 84 करोड टन कार्बन डाईऑक्साइड छोड़ा जाता है और औसत में देखें तो 1000 करोड़ सिगरेट का एक दिन में निर्माण होता है, इसके लिए एक साल में करीब 60 करोड़ पौधे काटे जाते हैं।

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