Wednesday , February 1 2023

स्‍वामी विवेकानंद का संदेश लेकर 21 जिलों में जायेगी संदेश यात्रा

-लखनऊ से 12 जनवरी को प्रारम्‍भ होकर 23 जनवरी को वापस लखनऊ आयेगी

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रीय चेतना जागृत करने वाले विचारों को जन-जन तक ले जाने के लिए विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की उत्तर प्रदेश शाखा के तत्वावधान में विवेकानंद संदेश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। करीब 50 बाइकसवार युवाओं द्वारा निकाली जा रही यह यात्रा स्‍वामी विवेकानंद के जन्‍म दिवस 12 जनवरी को प्रारम्‍भ होगी और 21 जिलों में होती हुई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को वापस लखनऊ आयेगी। 

यह जानकारी यहां विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की उत्‍तर प्रदेश शाखा की ओर से आयोजित एक पत्रकार वार्ता में प्रांत संगठक शिवपूजन सिंह, प्रमिल द्विवेदी, दयानन्‍द लाल और भानु प्रताप सिंह ने देते हुए बताया कि आजादी के अमृत महोत्‍सव के तहत भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से निकाली जा रही यह यात्रा 12 जनवरी को यहां रामकृष्ण मठ निराला नगर से प्रारंभ होकर उत्तर प्रदेश के 21 जिलों (लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, मऊ, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर, संत रविदास नगर, प्रयागराज, कौशाम्बी, चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात,  उन्नाव) का भ्रमण करते हुए 23 जनवरी को लखनऊ वापस आयेगी। लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में यात्रा का समापन समारोह आयोजित होगा। इस यात्रा में युवाओं के लिए योग व्यायाम, स्वामीजी के विचारों पर आधारित बौद्धिक विमर्श, शोभा यात्रा द्वारा प्रचार-प्रसार आदि कार्यक्रम संचालित किए जायेंगे।

प्रांत संचालक दयानंद लाल ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर स्वामी विवेकानंद के नर सेवा ही नारायण सेवा है तथा मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनर्निर्माण के लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विवेकानंद संदेश यात्रा स्वामीजी के जन्म दिन के पावन अवसर पर प्रारंभ की जा रही है। उन्‍होंने बताया कि यात्रा का मूल उद्देश्य युवाओं के उत्साह ऊर्जा एवं निष्ठा को राष्ट्र पुनर्निर्माण की दिशा में प्रेरित करना है कि वे भी विवेकानंद केंद्र की कार्य पद्धति से जुड़कर अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के साथ साथ समाज एवं राष्ट्रीय पुनर्निर्माण मे अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।

यात्रा संयोजक भानुप्रताप सिंह ने बताया कि व्यवस्था की दृष्टि से यात्रा को तीन जोन में बाटा गया है। प्रथम जोन लखनऊ से कुशीनगर, द्वितीय जोन कुशीनगर से प्रयागराज, तीसरा जोन प्रयागराज से लखनऊ है। यात्रा टोली में मध्यप्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लगभग पंद्रह लोग रहेंगे। इस यात्रा मे शोभायात्रा, विमर्श एवं योग रहा स्वागत की गतिविधियों को संचालित करेंगे। इस हेतु प्रत्येक जिले में स्वागत समिति, शोभायात्रा समिति, योग समिति, व्यवस्था समिति का गठन किया गया है। जो जिले स्तर की सभी गतिविधियों के संचालन के दायित्व का निर्वहन करेंगे।

सह नगर प्रमुख शोभिता टंडन ने बताया कि युवा क्षमता के नेतृत्व गुण को निखार कर राष्ट्र निर्माण में सहायक बनाना स्वामी जी के सन्देश को समर्थन देना है।

यात्रा समिति के सह प्रमुख प्रमिल द्विवेदी ने बताया कि जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है।  विवेकानंद संदेश यात्रा उत्तर प्रदेश के माध्यम से हम लोग बारह दिन मे 7 मंडल और 21 जिलों को आच्छादित करते हुए लगभग दस करोड़ लोगों तक स्वामी विवेकानंद का संदेश मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनर्निर्माण के जीवंत संदेश को पहुंचायेंगे, जो कि यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है। विभिन्न संचार माध्यमों द्वारा इस संकल्प की सिद्धि का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत यात्रा की दैनिक प्रगति संबंधी सूचनाएं हेतु एक समर्पित वेबसाइट www.up.vkendra.org  पर देखा जा सकता है। उन्होने आगे कहा कि इससे पूर्व विवेकानंद केन्द्र राजस्थान प्रांत में 19 नवंबर को खेतड़ी भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और विवेकानंद केंद्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाला कृष्णनन ने शुभारंभ किया था और समापन जोधपुर में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष निवेदिता भिड़े ने किया था। यह यात्रा राजस्थान के 33 जिलों से होकर गुजरी थी तथा पूर्णता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई और शुभकामना संदेश दिया।

सेमिनार का आयोजन व संचालन गैस्‍ट्रो विभाग की डायटीशियन रीता आनन्‍द, कार्डियो की अर्चना सिन्‍हा, न्‍यूरो की डॉ शिल्‍पी और एंडोक्राइनोलॉजी की डॉ निरुपमा सिंह ने किया।

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