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दंत संवर्ग को पीएमएचएस से अलग बताने पर पीएमएस संघ भड़का

-कम्‍प्‍यूटर में जानकारी दर्ज होने के बाद है यह हाल, आखिर कौन है इसका जिम्‍मेदार ?

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में तबादलों को मजाक बना कर रख दिया गया है। कम्‍प्‍यूटर के इस युग में जहां एक-एक कैटेगरी में अलग-अलग फीडिंग की जाती हैं, एक क्लिक पर सारा रिकॉर्ड स्‍पष्‍ट रूप से सामने होता है। ऐसे में अगर अनियमितताएं होती हैं तो प्रश्‍न उठना तो लाजिमी है।

प्रांतीय चिकित्‍सा सेवा संघ उत्‍तर प्रदेश ने निदेशक प्रशासन के द्वारा जारी किये गये कारण बताओ नोटिस में जिन बिंदुओं पर जवाब मांगा है उन बिंदुओं पर ही आपत्ति पर सवाल उठाये हैं। महानिदेशक चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं को भेजे अपने पत्र में अध्‍यक्ष डॉ सचिन वैश्‍य और महामंत्री डॉ अमित सिंह ने कहा है कि कारण बताओ नोटिस में बिन्‍दु 2 पर लिखा गया है कि दंत चिकित्‍सक पीएमएचएस में नहीं आते हैं।

पत्र में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि यह त्रुटिवश या जानकारी के अभाव में अंकित हुआ, क्‍योंकि दंत संवर्ग हमेशा से ही पीएमएचएस संवर्ग में आता है।

संघ द्वारा इस त्रुटि को संशोधित करने के अनुरोध के साथ ही कहा है कि स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों मानव सम्‍पदा पोर्टल पर अद्यतन स्थिति अंकित करने का कार्य टेक्निकल सपोर्ट यूनिट का तथा निदेशालय स्‍तर पर अनुश्रवण का कार्य आपके अधीन कार्यरत निदेशक प्रशासन द्वारा व्‍यवहारित किया जाता है। ऐसे में इस त्रुटि के लिए सम्‍बन्धित एजेंसी व अधिकारियों का पक्ष भी लेकर उपमुख्‍यमंत्री के समक्ष रखा जाना चाहिये।

ज्ञात हो तबादलों में हुई भारी पैमाने पर अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद विभागीय कैबिनेट मंत्री व उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एसीएस स्‍वास्‍थ्‍य अमित मोहन प्रसाद से इस विषय में जानकारी मांगी थी। उसी क्रम में अब यह कार्यवाही हो रही है कि कौन से ट्रांसफर गलत हुए और कैसे हुए। जिसे लेकर निदेशक प्रशासन द्वारा नोटिसें जारी की गयी हैं।  

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