-उपमुख्यमंत्री के आश्वासन व शासन की सहमति के बाद भी अब तक पूरी नहीं की गयी हैं मांगें

सेहत टाइम्स
लखनऊ। नर्सिंग संवर्ग की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को आश्वासन के बावजूद अब तक पूरी न किये जाने के विरोध में पूर्व निर्धारित चरणबद्ध तरीके से आंदोलन के क्रम में 22 अक्टूबर को राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश द्वारा स्वास्थ्य भवन का घेराव कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किये जाने की तैयारी पूरी हो गयी हैं। संघ का कहना है कि विवश होकर हमें यह कदम उठाना पड़ रहा है ताकि शासन एवं प्रशासन का ध्यान नर्सिंग संवर्ग की लंबित समस्याओं तथा 13 सूत्रीय मांगों की ओर आकृष्ट कराया जा सके। 21 अक्टूबर से दो घंटे कार्य बहिष्कार भी शुरू हो चुका है, जबकि काली पट्टी बांधकर विरोध कार्यक्रम भी बीती 9 अक्टूबर से चल रहा है।
यह जानकारी देते हुए राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि नर्सिंग संवर्ग की विभिन्न समस्याओं एवं न्यायोचित मांगों के समाधान के लिए अपनी 13 सूत्रीय मांगों का मांगपत्र अनेक बार लिखित रूप में शासन एवं प्रशासन को प्रेषित किया जा चुका है। संघ के अधिवेशन में उपमुख्यमंत्री द्वारा नर्सिंग संवर्ग की मांगों को पूरा किए जाने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके क्रम में शासन स्तर पर आयोजित बैठक में 13 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल प्रमुख 5 मांगों पर सहमति भी व्यक्त की गई थी। इसके बावजूद अभी तक इन मांगों के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है और न ही आवश्यक शासनादेश निर्गत किए गए हैं। इससे प्रदेश के नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।
स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है नर्सिंग संवर्ग
संघ का कहना है कि नर्सिंग संवर्ग प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। नर्सिंग अधिकारी दिन-रात पूरी निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ मरीजों की सेवा करते हैं। इसके बावजूद उनकी लंबे समय से लंबित न्यायोचित मांगों पर प्रभावी कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ लगातार लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शासन-प्रशासन के समक्ष रखता रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश के समस्त जनपदों में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी दिनांक 9 अक्टूबर से काली फीती बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तथा आज 21 अक्टूबर से प्रदेश के सभी जनपदों में नर्सिंग संवर्ग द्वारा दो घंटे का कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर दिया गया है। इसके बाद भी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल न होने के कारण संघ को आंदोलन का अगला चरण प्रारंभ करने के लिए विवश होना पड़ा है।
शासनादेश निर्गत किए जाएं
अशोक कुमार ने कहा कि राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश शासन एवं प्रशासन से मांग करता है कि नर्सिंग संवर्ग की सभी 13 सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए सहमति प्राप्त मांगों सहित अन्य लंबित मांगों के संबंध में शीघ्र आवश्यक निर्णय लिया जाए तथा संबंधित शासनादेश निर्गत किए जाएं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों को न्याय मिल सके।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों के समाधान में शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो वर्तमान दो घंटे का कार्य बहिष्कार अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार में परिवर्तित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही संघ की अपेक्षा है कि शासन एवं प्रशासन नर्सिंग संवर्ग की न्यायोचित मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर आंदोलन को समाप्त कराने की दिशा में सार्थक पहल करेगा।

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times