Friday , July 30 2021

अब गंभीर बीमार बच्‍चों का सटीक इलाज शुरू होने में बचेगा एक सुनहरा घंटा

केजीएमयू का पीआईसीयू हुआ विश्‍वस्‍तरीय, सीटी स्‍कैन, एमआरआई वाली जांचें होंगी अल्‍ट्रासाउंड से, रेडियेशन भी बचेगा

पीआईसीयू प्रभारी डॉ सिद्धार्थ कूंवर ने कैनेडा से ली विश्‍वस्‍तरीय ट्रेनिंग

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का पीडियाट्रि‍क इन्‍टेन्सिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) को विश्वस्तरीय बनाया गया है, इसका सबसे बड़ा फायदा रेडियेशन फ्री जांच के साथ ही प्रॉपर इलाज मिलने में लगभग एक घंटे के समय की बचत होगी, क्‍योंकि एमआरआई, सीटी स्‍कैन की जांच अल्‍ट्रासाउंड के जरिये  पीआईसीयू में ही हो सकेगी। इससे जहां बच्‍चे को रेडियेशन से बचाया जा सकेगा वहीं एमआरआई, सीटी स्‍कैन के‍ लिए ले जाने, जांच कराने और वापस आने में लगने वाला करीब एक घंटे का समय भी बचेगा। इस अल्‍ट्रासाउंड की विश्‍व स्‍तरीय ट्रेनिंग कैनेडा स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मैनीटोबा से पीडियाट्रि‍क विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर व पीआईसीयू प्रभारी डॉ सिद्धार्थ कूंवर ने प्राप्‍त की है।

 

डॉ कूंवर ने आज यहां कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट से मिलकर अपनी ट्रेनिंग के बारे में जानकारी दी। उनका यह प्रायोजित स्ट्डी टूर 12 मई से 2 जून तक  The University Of Manitoba  के पीआईसीयू में सम्पन्न हुआ। कुलपति द्वारा उन्‍हें विश्‍व स्‍तरीय तकनीक सीखने और उसका उपयोग यहां बच्‍चों के इलाज में करने के लिए शुभकामनायें दीं। डॉ कूंवर ने बताया कि अब यहां भी गंभीर रोगों से ग्रस्‍त बच्‍चों लिए  The University Of Manitoba, Canada  के पीआईसीयू की तर्ज पर ही वहां की वर्किंग अकाडमिक एवं एडमिनिस्ट्रेटिव तौर-तरीकों को लागू किया जाएगा।

 

डॉ कूंवर ने बताया कि इस अवसर पर उन्होंने विश्वविख्यात  Dr. Jeff Brudzinsky  से  POCUS (Emergency or ICU)  में अल्ट्रासाउण्ड का त्वरित उपयोग करने के तौर-तरीकों का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि यह सबसे नवीन तकनीक है, जिससे मरीज को रेडियेशन का खतरा भी नहीं होता है और 2 से 4 मिनट का ही समय लगता है और मरीज को सीटी, एमआरआई के लिए कहीं जाना भी नहीं पड़ेगा। केजीएमयू के पीआईसीयू में नवीन अल्ट्रासाउण्ड मशीन उपलब्ध है।

 

डॉ सिद्धार्थ कुंवर ने बताया कि केजीएमयू की पीआईसीयू की जरूरतों के मुताबिक विश्वस्तरीय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया  University Without Boundaries  से एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्राप्त किया है, जिसके तहत  The University Of Manitoba  के पीआईसीयू विशेषज्ञ और  POCUS  विशेषज्ञ साल में दो बार केजीएमयू के पीआईसीयू में दो सप्ताह के लिए आएंगे और इसे अति उन्नत बनाने में सहयोग देंगे तथा शिक्षकों एवं रेजीडेंट्स को कई अन्य नई तकनीकों, एडमिनिसट्रेशन एवं प्रोटोकॉल की जानकारी देंगे।

 

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की अति महत्वपूर्ण महत्वकांक्षी नवनिर्मित योजना मिनी पीआईसीयू में भी इससे सहायता प्राप्त होगी। University Without Boundaries प्रोजेक्ट के तहत विशेषज्ञ डॉ कूंवर के साथ कुछ मिनी पीआईसीयू का भी दौरा करेंगे और आवश्यक सुझाव देंगे। यह भी अति महत्वपूर्ण है कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अति उच्च अधिकारीगण केजीएमयू के पीआईसीयू को विश्वस्तरीय बनाने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं।

 

 

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