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धार्मिक ग्रंथों से परिचय ही नहीं, गरीबों के कैंसर का इलाज भी करा रहे हैं गीता प्रेस वाले

-हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्‍पताल एवं शोध संस्‍थान व आईएमए-एएमएस के संयुक्‍त तत्‍वावधान में सीएमई का आयोजन

-मुंबई-दिल्‍ली सहित अनेक जगहों से आये नामी-गिरामी कैंसर विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के विधायक व पूर्व आईएमए अध्‍यक्ष डॉ नीरज बोरा ने गोरखपुर स्थि‍त अस्‍पताल हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्‍पताल एवं शोध संस्‍थान के द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि अस्‍पताल बहुत अच्‍छा कार्य कर रहा है, क्‍योंकि इसका मुख्‍य उद्देश्‍य है कि पैसे के अभाव में किसी गरीब को कैंसर के इलाज से वंचित न रहना पड़े और यही उद्देश्‍य हमारी प्रदेश सरकार का भी है।

डॉ बोरा ने यह बात शनिवार को यहां आईएमए भवन में हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्‍पताल एवं शोध संस्‍थान एवं आईएमए-एएमएस द्वारा संयुक्‍त रूप से आयो‍जित कैंसर विषय पर सीएमई के उद्घाटन अवसर अपने सम्‍बोधन में कही।

आपको बता दें कि विश्‍व के कोने-कोने में रामायण, श्रीमद्भागवतगीता, वेद, पुराण एवं उपनिषद से लेकर प्राचीन भारत के ऋषियों-मुनियों की कथाओं को जन-जन तक पहुंचाने वाले गीताप्रेस के आदि-सम्‍पादक हनुमानप्रसाद पोद्दार की मृत्‍यु कैंसर रोग से होने के कारण इस महान विभूति के नाम पर हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्‍पताल एवं शोध संस्‍थान की स्‍थापना गोरखपुर में 1982 में हुई थी।

अस्‍पताल व शोध संस्‍थान के संयुक्‍त सचिव रसेन्‍दु फोगला ने अस्‍पताल की स्‍थापना और एवं इसके क्रमिक विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कैंसर अस्‍पताल कई दशकों से पूर्वांचल के गरीब कैंसर मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ है। आज यहां बहुत ही कम कीमत में हजारों मरीजों का कैंसर का इलाज प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि यहां आयुष्‍मान भारत योजना एवं मुख्‍यमंत्री आर्थिक सहायता अनुदान के अंतर्गत हजारों कैंसर मरीजों का इस अस्‍पताल में मुफ्त उपचार किया जा रहा है। इलाज के बारे में अस्‍पताल में कार्यरत कैंसर विशेषज्ञ डॉ पूनम गुप्‍ता, डॉ हरिकेश बहादुर सिंह एवं डॉ विवेक मल्‍होत्रा द्वारा भी बताया गया।

इस मौके पर आईएमए सदस्‍य व कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज श्रीवास्‍तव ने प्रदेश में कैंसर रोग के इलाज की वर्तमान स्थिति को दर्शाते हुए कहा कि प्रदेश के 75 जिलों में से केवल 9 जिलों में भी कैंसर सर्जन की उपलब्‍धता है जिससे बाकी जिलों के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहर में जाना पड़ता है। उन्‍होंने सरकार से आग्रह किया कि सरकार कैंसर ट्रेनिंग सेंटर खोले जिससे प्रदेश में कैंसर विशेषज्ञों की कमी को दूर किया जा सके।

इस मौके पर मुंबई के कैंसर सर्जन डॉ संजय शर्मा ने ब्रेस्‍ट कैंसर के ऑपरेशन की नयी तकनीक के बारें में प्रेजेंटेशन के माध्‍यम से बताया कि किस प्रकार पूरा स्‍तन निकाले बिना ही स्‍तन कैंसर को ठीक किया जा सकता है। इसी प्रकार दिल्‍ली से आये रेडिएशन ऑन्‍कोलॉजिस्‍ट डॉ शैल्‍ये हुक्‍कू ने रेडियोथेरेपी के विकास को दर्शाया और कैंसर के सटीक इलाज में रेडिएशन की आधुनिक मशीन के योगदान के बारे में बताया।

सीएमई में कैंसर पर एक परिचर्चा भी आयोजित की गयी जिसका संचालन मेरठ से आये कैंसर सर्जन डॉ पीयूष गुप्‍ता द्वारा किया गया।  इसमें कैंसर के इलाज में रेडियोथेरेपी के लिए सरकारी कैंसर अस्‍पतालों में 13 महीने लम्‍बी वेटिंग लिस्‍ट के समाधान के उपायों पर चर्चा की गयी। इस परिचर्चा में देश के नामचीन कैंसर विशेषज्ञों डॉ आईडी शर्मा, डॉ एमएलबी भट्ट, डॉ सुनील चतुर्वेदी, डॉ संदीप कुमार, डॉ शालीन कुमार, डॉ नीरज रस्‍तोगी, डॉ पुनीता लाल, डॉ सुषमा, डॉ मधुप, डॉ शरद, डॉ आलोक, डॉ कुलजिंदर सोढ़ी, डॉ रामचन्‍दानी, डॉ अंशु गोयल एवं डॉ विवेक गर्ग शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान आईएमए लखनऊ के अध्‍यक्ष डॉ मनीष टंडन, प्रेसीडेंट इलेक्‍ट डॉ जेडी रावत, डॉ राकेश सिंह, सचिव डॉ संजय सक्‍सेना, पूर्व अध्‍यक्ष डॉ पीके गुप्‍ता, मुख्‍य वक्‍ता डॉ वीरेन्‍द्र यादव, हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्‍पताल व शोध संस्‍थान के सचिव उमेश कुमार सिंघानिया आदि भी उपस्थित रहे।   

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