केजीेएमयू में अब दूरबीन विधि से घेंघा की सर्जरी

मात्र पांच हजार रुपये में हो गयी दो लाख वाली सर्जरी

डॉ.पारिजात, डॉ.गीतिका व डॉ विनोद जैन

लखनऊ.केजीएमयू में दूरबीन विधि से गले में पड़ी गाँठ को ऑपरेशन करके निकाला गया है. केजीएमयू में इस तरह की यह पहली सर्जरी है.

सुल्तानपुर के रहने वाले 25 वर्षीय युवक को थायरायड की शिकायत (घेंघा) के चलते गले में गाँठ हो गयी थी. अपने रोग के इलाज के लिए जब वह केजीएमयू पहुंचा तो यहाँ उसे सर्जन डॉ.गीतिका नंदा ने देखा. उसे सर्जरी कराने की सलाह दी गयी. ओपन सर्जरी में गले में चीरा लगाकर गाँठ को निकाल दिया जाता है. ऐसी स्थिति में गले पर निशान पड़ता है जो साफ़ चमकता है.

यह है निकाली गयी गांठ

पीजीआई से एमसीएच कर चुकीं डॉ. गीतिका नंदा ने मरीज से बात की फिर तय किया कि दूरबीन विधि से इसकी सर्जरी की जाये तो निशान नहीं पड़ेगा. केजीएमयू में इससे पहले गले की गाँठ निकालने के लिए दूरबीन बिधि से ऑपरेशन नहीं किया गया था. डॉ. गीतिका ने अपने टीम लीडर डॉ. विनोद जैन से बात की तो उन्होंने भी हामी भर दी. अल्ट्रासॉउन्ड, FNAC, TSH जांच कराने के बाद गुरुवार को सर्जरी की गयी.

 

डॉ. विनोद जैन और डॉ.गीतिका ने बताया कि युवक के सीने पर दाहिनी तरफ तीन छेद करके ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन करीब साढ़े चार घंटे चला. जिसके बाद तीन सेंटीमीटर की गाँठ सफलता पूर्वक निकाली जा सकी. उन्होंने बताया कि इस सर्जरी में लगभग पांच हजार रूपए का खर्च आया. यही सर्जरी प्राइवेट में दो लाख रूपए से अधिक में होती है. लखनऊ में सरकारी क्षेत्र के अस्पताल की अगर बात करें तो दूरबीन विधि से यह सर्जरी सिर्फ पीजीआई में होती है.

 

इन तीन स्थानों पर छेद कर के निकाली गयी गांठ

सर्जरी में शामिल डाक्टर

डॉ.विनोद जैन, डॉ. पारिजात सूर्यावंशी, डॉ.गीतिका नंदा, डॉ.पंकज कन्नौजिया, डॉ. प्रणव, प्रो.अमिता मलिक, डॉ. प्रिया, डॉ.विबुला.