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लोहे की कढ़ाई में बनायें सब्जियां, शरीर में नहीं होगी आयरन की कमी

-रोगों से लड़ने के लिए इम्‍युनिटी बढ़ाने के गुर बताये योग एवं प्राकृतिक चिकित्‍सकों ने

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ के योग विशेषज्ञ डॉ नंदलाल जिज्ञासु ने कहा है कि वर्तमान समय में आहार-विहार, अस्‍त-व्‍यस्‍त दिनचर्या, आरामतलब जिन्‍दगी और शारीरिक व्‍यायाम के अभाव के कारण लोगों की इम्‍युनिटी पावर कमजोर हो गयी है, नतीजा यह है कि संक्रामक और गैर संक्रामक रोगों में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

डॉ जिज्ञासु ने यह बात मंगलवार को नेशनल इंटर कॉलेज में आयोजित योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर, व्याख्यानमाला में अपने सम्‍बोधन में कही। इसका आयोजन इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (आई.एन.ओ.), राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान पुणे, आयुष मंत्रालय भारत सरकार, के सौजन्य से वैदिक योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान लखनऊ द्वारा संचालित कार्यक्रम रोग मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत किया गया था। उन्‍होंने कहा कि इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए नियमित आधे से एक घंटा योगाभ्यास, खेलकूद, जॉगिंग, मॉर्निंग वॉक, तथा अन्य आउटडोर शारीरिक व्यायाम करना चाहिए। भोजन में अंकुरित आहार, मौसम के फल, हरी सब्जियां, सलाद एवं छाछ का सेवन लाभप्रद है। शिविर में लोगों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया गया।   

प्रतिवर्ष 15 से 30 दिनों तक प्राकृतिक चिकित्‍सा से करें शरीर शोधन

कार्यक्रम में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के पूर्व मनोवैज्ञानिक डॉ. दीनानाथ राय ने बताया कि ईश्वर ने मनुष्य के शरीर में विजातीय द्रव्यों के निष्कासन के लिए चार मार्ग बनाए हैं जिससे शरीर में संचित विजातीय द्रव्य पेशाब, पाखाना, पसीना तथा श्वांस-प्रश्वांस के रूप में बाहर निकलते हैं, इस क्रियाविधि में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रशंसनीय सहयोग प्रदान करती है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष 15 से 30 दिनों तक शरीर शोधन की दृष्टि से प्राकृतिक चिकित्सा लेनी चाहिए।

इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के राज्य कन्वेनर डॉ. एल.के. रॉय ने कहा कि इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन का उद्देश्‍य है कि भारत की आम जनता शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहे, इसके लिए पूरे भारतवर्ष में रोग मुक्त भारत अभियान के तहत आम जनता को स्वास्थ्य शिक्षा, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

हर दो घंटे में वयस्‍क दो और बच्‍चे एक गिलास पानी पीयें

विवेकानंद आयुर्विज्ञान संस्थान के प्राकृतिक चिकित्साअधिकारी डॉ. दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि कब्ज, गैस, एसीडिटी, सरदर्द, माइग्रेन, पाइल्स एवं क्रोध से बचाव एवं छुटकारा पाने के लिए नियमित प्रातः उठने से लेकर रात्रि 10 बजे तक हर 2 घंटे में 2-2 गिलास स्वच्छ पानी पीना चाहिए। बच्चों को भी प्रति 2 से 3 घंटे में एक गिलास पानी पीना चाहिए।

नाश्‍ते में लें अंकुरित अनाज

इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया अंकुरित अनाज, (अंकुरित मूंग, अंकुरित चना, अंकुरित मूंगफली, अंकुरित मेथी दाना) में विटामिन ए विटामिन बी, विटामिन बी कांप्लेक्स, विटामिन बी12 एवं सुपाच्य प्रोटीन पाया जाता है, इसका सेवन बच्चों और बड़ों तथा सीनियर सिटीजन को प्रातः नाश्ते के समय करना चाहिए। लोहे की कड़ाही में सब्जियां बनाने से नेचुरल आयरन की पूर्ति हो जाती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नेशनल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल रामचंद्र ने की। कार्यक्रम में नेशनल इंटर कॉलेज के अध्यापकगण, व्याख्यातागण तथा स्काउट गाइड के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। एन.सी.सी. के प्रभारी पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने मंच का संचालन किया। कार्यक्रम में प्राकृतिक चिकित्सक राकेश प्रताप सिंह, प्रवक्ता हरिश्चंद्र पंत, डॉ. आशालता सिंह, राजेश कुमार मल्ल, अवध कुमार सरोज, विनोद कुमार, भानु प्रकाश तिवारी, राजीव कुमार, रमाकांत द्विवेदी एवं दिनेश कुमार सिंह आदि ने भाग लिया।

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