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आईआईटीआर रिपोर्ट : दीपावली के दिन पिछले वर्ष की तुलना में आधा हुआ पटाखों का प्रदूषण

पीएम 10 कणों में 46 प्रतिशत तथा पीएम 2.5 कणों में 49 प्रतिशत की गिरावट पायी गयी

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस वर्ष दीपावली के मौके पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण में खासी गिरावट आयी है मोटे तौर पर देखा जाये तो यह गिरावट पिछले वर्ष की अपेक्षा आधी है। दीपावली के मौके पर भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्‍थान द्वारा कराये गये सर्वेक्षण में ये परिणाम सामने आये हैं। सीएसआईआर की इकाई आईआईटीआर प्रतिवर्ष ये सर्वेक्षण कराता है। सर्वेक्षण में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) यानी कण प्रदूषण के स्‍तर में इस साल गिरावट देखी गयी है।

आपको बता दें कि वातावरण में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों के मिश्रण को कण प्रदूषण कहा जाता है, इन कणों में कुछ कण इतने छोटे होते हैं जिन्‍हें नग्‍न आंखों से नहीं देखा जा सकता है, इन्‍हें सिर्फ माइक्रोस्‍कोप से ही देखना संभव है। इन कणों को दो श्रेणी में बांटा गया है पीएम 10 और पीएम 2.5, ये बहुत खतरनाक होते हैं।

पीएम 2.5 वाले कण पदार्थ 2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास होता है, और पीएम 10 वो कण हैं जिनका व्यास 10 माइक्रोमीटर होता है। रिपोर्ट के अनुसार वायु में दोनों तरह पीएम 10 और पीएम 2.5 के कणों में इस साल दीपावली के दिन रात को, जब पटाखे चलाये जाते हैं, में गिरावट देखी गयी है।

संस्थान द्वारा लखनऊ शहर के 9 स्थानों पर वायु की गुणवत्‍ता का स्‍तर जांचा गया, इन नौ स्‍थानों में अलीगंज, विकास नगर, इंदिरा नगर, गोमती नगर, चारबाग, अमीनाबाद, चौक, आलमबाग और अमौसी शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर दीपावली के 1 दिन पहले दीपावली वाले दिन और दीपावली के 1 दिन बाद वायु की गुणवत्ता की जांच करायी गयी। संस्थान की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर पिछले वर्ष 2018 से इसकी तुलना की जाए तो पीएम 10 कणों में 46 प्रतिशत तथा पीएम 2.5 कणों में 49 प्रतिशत की गिरावट इस साल देखी गयी। रिपोर्ट के अनुसार पीएम 10 कण पिछले साल 990 μg/m3 थे जो इस साल घटकर 536.5 μg/m3 रहे। इसी प्रकार पिछले साल दीपावली वाले दिन पीएम 2.5 वाले कण 679 μg/m3 थे, जो इस साल घटकर 346.5 μg/m3 पाये गये।