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पूर्व मुख्य सचिव डॉ शम्भूनाथ की मंच पर बोलते-बोलते थम गयी दिल की धड़कन

-साहित्य प्रेमी डॉ शम्भूनाथ ने साहित्य सेवा करते हुए त्यागे प्राण, नौकरशाही व साहित्य जगत में शोक

-हिन्दी संस्थान में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अ​तिथि के रूप में हुए थे शामिल

सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गयी, लेकिन सफलता नहीं मिली

सेहत टाइम्स

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार 30 अगस्त को अचानक एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन के दौरान पूर्व मुख्य सचिव रिटायर्ड आईएएस डॉ शम्भूनाथ का हृदयगति रुकने से निधन हो गया। अचानक गिरने पर उन्हें सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया गया लेकिन प्रयास सफल नहीं हुआ।

मौत से थोड़ी देर पहले ही किया था पुस्तक का विमोचन

मिली जानकारी के अनुसार हिंदी संस्थान में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में लेखिका मनोरमा श्रीवास्तव के उपन्यास ‘व्यथा कौंतेय की’ का विमोचन चल रहा था। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव IAS डॉ. शम्भू नाथ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। बताया जाता है कि कार्यक्रम में डॉ शम्भूनाथ ने मंच पर पहुंचकर अपना भाषण शुरू किया, तभी भाषण के बीच अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह मंच पर ही गिर पड़े। जब उनकी तबीयत बिगड़ी उस समय वह कर्ण के जीवन और चरित्र पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

इसके बाद वहां एकदम से अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। मौजूद लोगों ने सीपीआर देकर डॉ शम्भूनाथ को रिवाइव करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्हें एडीसीपी की गाड़ी से सिविल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर ने साहित्य और नौकरशाही दोनों ही क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गयी।

डॉ. शम्भू नाथ का प्रशासनिक करियर अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ उन्हें साहित्य का गहरा शौक रहा। वह उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के अध्यक्ष भी रहे।

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