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पहली बार एमएनडी के मरीज के पेट में नली डालकर बनाया भोजन के लिए रास्‍ता

-केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के लिवर और एंडोस्‍कोपी विशेषज्ञ को वीसी ने दी बधाई  

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के लिवर और एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार पटवा ने पहली बार दूरबीन विधि के माध्यम से बिना चीरा और बिना टांका लगाये मोटर न्‍यूरॉन डिजीज (एमएनडी) से ग्रस्‍त महिला के पेट में नली डालकर खाने का इंतजाम कर दिया है।  

यह जानकारी केजीएमयू के मीडिया प्रवक्‍ता डॉ सुधीर सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति में देते हुए बताया गया है कि प्रतापगढ़ निवासी मोटर न्‍यूरॉन डिजीज से ग्रस्‍त महिला 4 दिन पहले गांधी वार्ड में भर्ती हुई थीं। ज्ञात हो मोटर न्यूरॉन डिजीज में शरीर के सभी अंग धीरे-धीरे लकवाग्रस्त हो जाते हैं और धीरे-धीरे खाना-पीना निगलना मुश्किल हो जाता है। फलस्‍वरूप रोगी कुपोषण का शिकार हो जाता है और कुछ ही समय में कुपोषण के कारण रोगी की मृत्यु हो जाती है।  

इस स्थिति में फीडिंग के लिए नाक के माध्यम से पेट में ट्यूब डालकर या फीडिंग जेजुनोस्टॉमी बनाने के लिए पेट पर चीरा लगा कर शरीर में भोजन पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सकता है, लेकिन ये दोनों प्रक्रियाएँ रोगी के लिए कष्टदायक होती हैं।

ऐसे में मेडिसिन विभाग के लिवर और एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार पटवा ने पहली बार दूरबीन विधि के माध्यम से बिना चीरा और बिना टांका लगाये पेट में नली डालकर रोगी के भोजन खाने का इंतजाम कर दिया है।  इस विधि से मरीज़ को खाने पीने में बहुत ही आसानी हो रही है तथा निकट भविष्य में रोगी को संतुलित आहार प्रदान कर कुपोषण की स्थिति से बाहर निकाल लिया जायेगा। इसके साथ ही इसी नली के उपयोग से दवा समय से पहुंचाई जा सकेगी, जिससे मरीज़ के ठीक होने की संभावना बढ़ेगी।  

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस विधि को केजीएमयू में पहली बार प्रयोग में लाने के लिए कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ बिपिन पुरी ने डॉ अजय कुमार एवम् मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र आतम की प्रशंसा करते हुए पूरे मेडिसिन विभाग को बधाई दी है।

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