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लखनऊ में कोरोना वायरस का पहला पॉजिटिव केस, टोरंटो से आयी महिला डॉक्‍टर केजीएमयू में भर्ती

-8 मार्च को अपनी ससुराल गोमती नगर पहुंची थी, फि‍लहाल स्‍वास्‍थ्‍य ठीक, पति को भी रखा गया है आईसोलेशन में 

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो 

लखनऊ। कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच गया है, किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय की लैब में इसकी पुष्टि हुई है। यह संक्रमण कनाडा में प्रैक्टिस करने वाली एक महिला चि‍कित्‍सक में पाया गया है, महिला और उसके पति को किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय में अलग-अलग कमरों में भर्ती कर लिया गया है। महिला डॉक्‍टर टोरंटो में प्रैक्टिस करती है तथा 8 मार्च को अपनी ससुराल यहां गोमती नगर आयी थी। भर्ती महिला और उसके पति की हालत ठीक है। पति की जांच की रिपोर्ट निगेटिव आयी है, लेकिन उन्‍हें भी निगरानी में रखने के लिए भर्ती रखा गया है।

केजीएमयू के संक्रामक रोग विभाग में भर्ती महिला का इलाज करने वाले चिकित्‍सक डॉ डी हिमांशु ने बताया कि महिला चिकित्‍सक बुधवार को दोपहर में आयी थी और उनकी जांच के लिए उसकी लार को केजीएमयू की माइक्रोलॉजी विभाग की लैब में भेजा गया था, देर रात जांच में कोविड-19 पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। उन्‍होंने बताया कि मरीज की हालत ठीक है, उनके पति जिनकी बुधवार को हुई जांच की रिपोर्ट निगेटिव आयी थी, उनकी जांच के लिए नमूना आज गुरुवार को एक बार फि‍र लैब भेजा जायेगा।

कोरोना के संक्रमण में पॉजिटिव पायी गयी यह महिला डॉक्‍टर 8 मार्च से 11 मार्च के बीच जिन लोगों के सम्‍पर्क में यहां आयी है, उनकी सूची बनाकर मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी के यहां भेज दी गयी है। बताया जाता है कि महिला डॉक्‍टर टोरंटो से यहां वाया मुम्‍बई आयी है। यह भी पता चला है कि महिला जब लखनऊ पहुंची तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत एयरपोर्ट पर उसकी थर्मल स्‍कैनिंग की गयी थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। आपको बता दें कि थर्मल स्‍क्रीनिंग बुखार नापने की एक प्रक्रिया है, इसमें बुखार होने या न होने का पता चलता है। इसके बाद घर पर जब बुखार महसूस हुआ और अन्‍य लक्षण लगने लगे तो उन्‍होंने डॉक्‍टर से सम्‍पर्क किया।

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