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प्रसव के दौरान नवजात को इतनी जोर से खींचा कि सिर धड़ से अलग हो गया

कन्‍नौज मेडिकल कॉलेज में चिकित्‍सकों की गैरमौजूदगी में नर्सों ने कराया प्रसव

 

लखनऊ। कन्नौज मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की गैर मौजूदगी स्‍टाफ द्वारा घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्‍टाफ ने प्रसव के दौरान बच्‍चा पेट में फंसने पर उसे इतनी जोर घसीटा कि बच्‍चे का सिर धड़ से अलग हो गया। धड़ पेट में फंसने से प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी इतने में जब परिजनों को इस लापरवाही के बारे में पता चला तो उन्‍होंने हंगामा करना शुरू कर दिया मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जब ध्‍यान नहीं दिया तो प्रसूता को गंभीर हालत में निजी नसिैंग होम में ले गये जहां ऑपरेशन करके धड़ प्रसूता के पेट से निकाला गया, प्रसूता की हालत अब बेहतर है।

 

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार ठठिया थाना के गांव सिसइयनपुरवा निवासी पुनीत की पत्नी सीमा देवी (25) को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर पुनीत सवेरे साढ़े सात बजे सीमा को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे।

 

मेडिकल कॉलेज में उस समय महिला चिकित्सक नहीं थीं। इस पर मेडिकल कॉलेज में मौजूद नर्सों ने सीमा को भर्ती कर प्रसव कराना शुरू किया। बच्चा फंस जाने पर नर्सों ने इतना जोर लगाया कि नवजात का सिर हाथ में आ गया। धड़ पेट में फंसा रह गया। यह देख नर्स घबरा गईं। नर्सें प्रसूता को वहीं छोड़कर बाहर आ गईं। तथा कहा कि करीब 10 बजे जब चिकित्सक आ जायेंगे तब प्रसव कराया जायेगा।

दूसरी ओर सीमा की हालत बिगड़ती देखकर पुनीत और परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होता देखकर नर्सें सीमा को गंभीर हालत में छोड़कर चली गईं। इससे परिजन और नाराज हो गये। मौके पर जब कोई जिम्‍मेदार व्‍यक्ति नहीं पहुंचा तो पुनीत नवजात का सिर हाथ में लेकर पत्‍नी को लेकर नर्सिंग होम पहुंचे जहां पत्‍नी का ऑपरेशन कर धड़ निकाला गया। फिलहाल महिला की हालत में सुधार है।

 

इस बारे में मेडिकल कॉलेज के मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ दिलीप सिंह का कहना है कि महिला के पेट में नवजात की मौत हो गई थी। नवजात पूरी तरह से गल गया था। इसके अलावा गांव में किसी दाई ने प्रसव कराने का प्रयास किया था। यही कारण है कि प्रसव के दौरान ऐसा हुआ। हालांकि मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी डाक्टर कृष्ण स्वरूप का कहना है कि मामले की जांच करायी जायेगी, और कोई दोषी पाया गया तो काररवाई की जायेगी।