Saturday , March 25 2023

2022-23 बैच के डिप्‍लोमा फार्मेसी छात्रों को भी पंजीकरण से पूर्व पास करना होगा एग्जिट एग्जाम

-निर्णय का स्‍वागत किया फार्मेसी फेडरेशन के अध्‍यक्ष ने, कहा-गुणवत्‍ता बढ़ेगी

सुनील यादव

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। 2022- 23 बैच के डिप्लोमा इन फार्मेसी छात्रों के लिए पंजीकरण से पूर्व एग्जिट एग्जामिनेशन पास करना अनिवार्य किये जाने के निर्णय का फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने स्वागत किया है।  उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन और फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि एग्जिट एग्जाम लागू होने से फार्मेसी के क्षेत्र में अनुशासन, सत्य निष्ठा, निर्णय कौशल, ज्ञान और सीखने की इच्छा बढ़ेगी। इसे पास करने के बाद फार्मेसिस्ट अपने व्यवसायिक कार्यों और उत्तरदायित्व का वहन करने के अतिरिक्त अपने व्यवसाय कौशल का पूरा उपयोग कर सकेगा।  डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जिट एग्जामिनेशन रेगुलेशन 2022 भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किये जाने से फार्मेसी प्रोफेशन में गिरते शैक्षणिक स्तर को बचाया जा सकेगा।

फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया के प्रस्ताव पर इस रेगुलेशन को मंजूरी दी गयी है, जिसे भारत के असाधारण गजट भाग तीन खंड 4 में 24 फरवरी 2022 को प्रकाशित किया गया परंतु इसे लागू करने की तिथि पर संशय बना हुआ था। तिथि का निर्धारण फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने 28 जनवरी 23 को अपनी 388 वी बैठक में किया।

एग्जिट एग्जामिनेशन के बारे में फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा समय-समय पर आम जनता को सूचित किया जाएगा। रेगुलेशन के अनुसार प्रत्येक वर्ष दो बार परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा घोषित योजना के अनुसार ही होगी। निर्धारित प्राधिकरण द्वारा अभ्यर्थी को परीक्षा की तारीख और परीक्षा केंद्र का आवंटन परीक्षा केंद्र की उपलब्धता के आधार पर होगा। एग्जिट एग्जाम के लिए फार्मेसी कौंसिल द्वारा धारा 12 के अंतर्गत अनुमोदित संस्थान से डिप्लोमा फार्मेसी उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। इसके लिए एक आवेदन फॉर्म भरना होगा। एग्जिट एग्जामिनेशन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित प्राधिकरण द्वारा कराया जाएगा। 

फार्मास्यूटिक्स, फार्माकोलॉजी, फार्माकोग्नोसी, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री, हॉस्पिटल एंड क्लिनिकल फार्मेसी, फार्मास्यूटिकल जूरिस्प्रूडेंस और ड्रग स्टोर मैनेजमेंट में बहुविकल्पीय प्रश्नों  की परीक्षा में न्यूनतम 50% अंक पाने वाला ही उत्तीर्ण होगा। 

इस परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवार को नामांकन और फार्मेसी की प्रैक्टिस के लिए पात्रता का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा और इसी के आधार पर स्टेट फार्मेसी काउंसिल में डिप्लोमा फार्मेसिस्ट का पंजीकरण किया जाएगा। इस परीक्षा के कारण निश्चित रूप से गुणवत्ता में सुधार होगा और अच्छा ज्ञान प्राप्त करने के उपरांत योग्य फार्मेसिस्ट ही पंजीकृत हो सकेगा। इससे जनता का भला होगा, क्योंकि फार्मेसी व्यवसाय जनता के सीधे जीवन और मरण से जुड़ा हुआ है इसलिए इसमें किया गया सुधार जनहित में है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए। 

फार्मेसिस्ट फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार, संयोजक और स्टेट फार्मेसी कौंसिल के पूर्व रजिस्ट्रार के के सचान, उपाध्यक्ष राजेश सिंह उपाध्यक्ष ओ पी सिंह और फार्मेसी काउंसिल के सदस्य सरफराज अहमद, राम सिंह यादव, अमरपाल यादव, यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष आदेश, महासचिव ज्ञान चंद्र, सचिव पी एस पाठक, रिटायर्ड विंग के अध्यक्ष जय सिंह सचान, महासचिव आर आर चौधरी सहित सभी पदाधिकारियों  ने भी इसका स्वागत किया है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

thirteen − seven =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.