टोल फ्री नम्बर घुमाइये, चिकित्सक देंगे नि:शुल्क परामर्श

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाते स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह। 

सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए टेलीमेडिसिन चिकित्सा की सुविधा शीघ्र ही

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों को टेलीमेडिसिन मे माध्यम के चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टोलफ्री नम्बर जारी किया जाएगा। इस नम्बर को डायल करते ही संबंधित रोग के बारे में चिकित्सक नि:शुल्क परामर्श देगें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टेलीमेडिसिन तथा टेलीपैथालाजी की सुविधा आमजनों के लिए सुलभ होगी। उन्होंने चिकित्सकीय अधिकारियों और कर्मियों का आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर ढंग से लोगों को उपलब्ध कराने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

स्वास्थ्य भवन में कर्मचारियों के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री

श्री सिंह 14 जून को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय प्रांगण में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एसोसिएशन के पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए अपील की वे स्वास्थ्य सेवा में सुधार के साथ ही अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष  हनुमान प्रसाद, उपाध्यक्ष आरएस यादव एवं जितेन्द्र नाथ गुप्ता, महामंत्री संजय कुमार सहित अन्य विजयी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि शपथ के शब्द अत्यन्त ही अनमोल होते है और इनका हर स्तर पर पालन किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद ने स्वास्थ्य मंत्री को पांच सूत्री ज्ञापन दिया। उन्होंने ज्ञापन के संबंध में तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश महानिदेशक को दिए।
स्वास्थ्य मंत्री विभाग में अत्याधुनिक तकनीकि के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि इससे कार्यों के निपटान में गुणवत्ता और पारदर्शिता आएगी। उन्होंने विभागीय पत्रावलियों के संचरण में हो रहे विलम्ब पर नाराजगी जाहिर की। साथ ही निर्देश भी दिए कि कार्यालय के रिकॉर्ड को आनलाइन किया जाए। विभाग में डिजिटिलाइजेशन के कार्य को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े इस विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से सचेत किया कि यदि बिना उचित कारण के फाइलों के संचरण में विलम्ब होता है, तो संबंधित की जवाबदेही तय करते हुए उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार की आवश्यकता

श्री सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में अभी काफी सुधार की आवश्यकता है और सरकार इसके लिए पूरी तरह गम्भीर है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर बीमार को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं सुलभ हो। इस अवसर पर महानिदेशक, डॉ पद्माकर सिंह तथा विशेष सचिव अजीत कुमार सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।