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हर्षोल्‍लास के साथ मनाया गया दीपोत्‍सव, कम सुनायी दी पटाखों की गूंज

प्रधानमंत्री ने इस बार भी जवानों के साथ मनायी दीपावली, राजौरी पहुंचे

 

लखनऊ/नयी दिल्‍ली। दीपावली का त्‍योहार पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इमारतों को रंगीन झालरों से सजाया गया है, खास बात यह रही कि इस बार पटाखों की गूंज पहले की अपेक्षा कम सुनायी दी। माना जा रहा है कि इसकी वजह लोगों में जागरूकता का असर होना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूरे देश में परम्‍परागत तरीके से दीपावली की त्‍योहार मनाया गया, लोगों ने गणेश-लक्ष्‍मी की पूजा कर एक-दूसरे को बधाई दी, मुंह मीठा कराया। हालांकि बच्‍चों और युवाओं ने विशेष रूप से आतिशबाजी का आनंद लिया लेकिन फि‍र भी तेज आवाज वाले पटाखों की गूंज पहले की अपेक्षा कम सुनायी दी।

उत्‍तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद लखनऊ जिले के थानों को मिट्टी के दीयों से रोशन किया गया। कैसरबाग थाने में 1100 मिट्टी के दीये जलाए गए।


आपको बता दें कि पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने प्रदेश भर के थानों व चौकियों पर मिट्टी के दीये जलाए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद लखनऊ के चौक, कैसरबाग, हजरतगंज कोतवाली समेत भी थानों पर मिट्टी के दीये जलाए गए और पूजा-अर्चना हुई। इंस्पेक्टर चौक पंकज सिंह के अनुसार पूरी कोतवाली को मिट्टी के दीयों से रोशन किया गया। इसके अलावा सभी चौकी इंचार्जों को भी मिट्टी के दीये जलाने के निर्देश दिए गए हैं।

पाकिस्‍तान से चल रहे संबंधों में खटास का असर त्‍यौहार पर भी दिखा। इस बार परंपरा के अनुसार पाकिस्तान से पंजाब में लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं हुआ।

राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दीपावली की बधाई दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और लोगों से अपील की कि जरूरतमंद और कम भाग्यशाली लोगों के जीवन में प्रेम, जिम्मेदारी और साझेदारी से खुशी लाने का प्रयास करें,  उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी लोगों को दिवाली की शुभकानाएं दी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्योहार पर लोगों के संपन्न एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।

रिपोर्ट्स के अनुसार दिवाली के मौके पर अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर रोशनी से जगमगा गया। इस बार यहां पर पारंपरिक दीयों के स्थान पर विशेष बत्तियां लगाई गई हैं। दिवाली के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु स्वर्ण मंदिर आए और पवित्र सरोवर में डुबकी लगाकर अकाल तख्त के दर्शन किए। स्वर्ण मंदिर के आसपास शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के कार्यबल को तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के मद्देनजर लंगर की विशेष व्यवस्था की गई थी।

पिछले सालों की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली का त्योहार सैनिकों के साथ मनाया। इसके लिए इस बार उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले को चुना और वहां दिवाली मनाई। उन्होंने सैनिकों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सरकार को फैसला लेने में सक्षम बनाता है जिसे असंभव माना जाता था। पीएम ने कहा कि हर कोई दिवाली अपने परिवार के साथ मनाना चाहता है और वह भी अपने परिवार सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए आए हैं। सीमा पर तैनात सैनिकों के साथ करीब दो घंटे रहे मोदी इस मौके पर सैन्य जैकेट पहने हुए थे और उन्होंने सैनिकों को शुभकमानाएं दी और मिठाई बांटी।

दिल्ली के कई इलाकों में उच्चतम न्यायालय की ओर से तय समय से पहले ही पटाखे जलाये गए।  पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में काली पूजा की धूम रही। लोग सुबह से ही काली मंदिरों में कतारबद्ध दिखायी दिए। तारापीठ, कल्याणेश्वरी, दक्षिणेश्वर, कालीघाट और कंकालीटाला काली मंदिर में भक्तों की भीड़ रही।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर भी कालीपूजा का आयोजन किया गया। यहां राज्यपाल जगदीप धनखड़ पत्नी सहित ममता के घर गए। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भुवनेश्वर स्थित एक अनाथालय में दिवाली का त्योहार मनाया। देश के दूसरे हिस्सों में भी पूरे हर्षोल्लास के साथ प्रकाश का पर्व मनाया गया।