-भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ गिरीश गुप्ता ने जटिल चर्म रोगों के मॉडल केसेज दिखाये
-आयुष प्रणालियों को एक मंच पर लाये जाने के प्रयास के तहत 11 जून को आयोजित हुआ सम्मेलन

सेहत टाइम्स
लखनऊ। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आरोग्य भारती, भोपाल द्वारा राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी, नयी दिल्ली के सहयोग से 11 जून को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में ‘एकीकृत प्रणाली में होम्योपैथी की भूमिका’ विषय पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गयी। आयुष प्रणालियों को एक मंच पर लाये जाने को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे प्रयासों के तहत इस सम्मेलन में आयुष की एक विधा होम्योपैथी पर चर्चा आयोजित की गयी थी।
राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, भोपाल में आयोजित इस सम्मेलन में समग्र स्वास्थ्य सेवाओं में होम्योपैथी की भूमिका को सशक्त बनाने के लिए होम्योपैथी की वैज्ञानिकता, उपयोगिता को सिद्ध करने के लिए साक्ष्य आधारित उपचार पर चर्चा हुई। आमंत्रित वक्ताओं में लखनऊ के गौरांग क्लीनिक एंड सेंटर फॉर होम्योपैथिक रिसर्च (GCCHR) के मुख्य परामर्शदाता डॉ गिरीश गुप्ता ने अपने शोध किये हुए विभिन्न प्रकार के चर्म रोगों के साक्ष्य सहित होम्योपैथिक उपचार पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने ल्यूकोडर्मा, सोरियासिस, लाइकिन प्लेनस, वार्ट, मोलस्कम कॉन्टेजियोसम के मॉडल केसेज प्रस्तुत किये।
चर्म रोगों पर लिखी पुस्तक भेंट की
प्रस्तुत किये गये केसेज में उन्होंने मरीज के शारीरिक और मन:स्थिति को प्रभावित करने वाले लक्षणों के साथ ही मरीज की पसंद-नापसंद, व्यवहार, आदतों आदि के बारे में हिस्ट्री लेकर प्रत्येक मरीज के लक्षणों के अनुसार उनके लिए सर्वाधिक अनुकूल दवा का चुनाव करने की प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर डॉ गिरीश गुप्ता ने आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक वार्ष्णेय को चर्म रोगों पर किये गये अपने शोधों के बारे में लिखी पुस्तक Evidence-based Research of Homoeopathy in Dermatology भी भेंट की।
आयुष मंत्री भी रहे उपस्थित
सम्मेलन में शामिल अन्य वक्ताओं में नेशनल होम्योपैथी कमीशन के चेयरमैन डॉ. तारकेश्वर जैन और एजुकेशन बोर्ड के प्रेसिडेंट डॉ. रजत चट्टोपाध्याय, डॉ. शिवांग स्वामीनारायण, डॉ. भास्कर भट्ट, डॉ. बीएस जौहरी, डॉ. शिशिर सिंह ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। इस मौके पर मध्य प्रदेश के आयुष मंत्री इंद्र सिंह परमार एवं आयुष सचिव संजय मिश्र भी उपस्थित रहे।
सम्मेलन के आयोजन में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक वार्ष्णेय, श्री मिहिर, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ मिश्रा, डॉ अजय परिहार आदि का विशेष योगदान रहा। आयुष विधाओं के समन्वित तरीके से कार्य किये जाने की भारत सरकार की मंशा को मूर्त रूप देने के दृष्टिकोण से यह सम्मेलन अत्यन्त प्रभावी रहा।
सभी खबरों को पढ़ने के लिए हमारा फेसबुक पेज फॉलो करें https://www.facebook.com/Sehattimes/

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times