मेडिकल कॉलेज में जो हड्डी पांच ऑपरेशन के बाद भी नहीं जुड़ी, बलरामपुर हॉस्पिटल में उसे एक बार में जोड़ा गया

 

तीन साल पहले सड़क दुर्घटना में हो गया था फ्रैक्चर

लखनऊ। आगरा के मेडिकल कॉलेज में 5 ऑपरेशन होने के बाद भी जो हड्डी जुड़ नहीं सकी उसे यहां लखनऊ में बलरामपुर अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आरके सक्सेना की टीम ने एक ऑपरेशन कर के जोड़ दिया। फर्रुखाबाद के रहने वाले इस व्यक्ति की 2014 में हुई दुर्घटना के बाद एक पैर में ऐसा फ्रैक्चर हो गया था कि वह उस पैर के बल खड़ा भी नहीं हो पा रहा था. फिलहाल ऑपरेशन के बाद अब मरीज वॉकर के सहारे आराम से चल रहा है।

 

ऑपरेशन के पहले

इस बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर आर के सक्सेना ने बताया कि फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद के रहने वाले 45 वर्षीय राकेश तिवारी उनके पास पिछले साल 6 अक्टूबर 2017 को आए थे उन्होंने बताया कि राकेश के दाहिने पैर में 25 जुलाई, 2017 को मोटरसाइकिल से हुई दुर्घटना के चलते फ्रैक्चर हुआ था। इस दुर्घटना में उनकी जांघ की हड्डी, जो घुटने को जोड़ती है, वह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद मरीज के आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 5 ऑपरेशन हुए, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि जब राकेश बलरामपुर अस्पताल आए तो उनकी जांच की गई तथा निर्णय किया गया कि इनका ऑपरेशन करके के बाद फ्रैक्चर जोड़ा जायेगा.

 

ऑपरेशन के बाद

 

 

उन्होंने बताया कि मरीज के दाहिने पैर की फीमर बोन में सुप्राकॉनडिलर नेलिंग (Supracondylar nailing of Rt femur bone) कर सर्जरी की गयी. उन्होंने बताया कि मरीज को 6 माह तक हॉस्पिटल में ही रखकर बराबर देखभाल की जाती रही, अब वह चलने लायक हो गया है. खर्च के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि मरीज को सारा इलाज अस्पताल से निःशुल्क उपलब्ध कराया गया, सिर्फ सर्जरी करके हड्डी जोड़ने के लिए जो नेल्स डाले गए हैं, उसी को मरीज को खरीदना पड़ा है. उन्होंने बताया कि इस सर्जरी में उनके साथ टीम में डॉ. सुनील यादव, डॉ. एनएच सिद्दीकी, डॉ. एमपी सिंह, नर्स उर्मिला, राखी जायसवाल, लालसा, मालती देवी, उमा देवी और प्रेमलताखान शामिल रहीं.