-कई संस्थाओं और दिव्यांगों की मुख्यमंत्री से गुहार, लिम्ब सेंटर को न बनायें कोविड अस्पताल
-केजीएमयू प्रशासन कर रहा लिम्ब सेंटर को कोविड हॉस्पिटल बनाने की तैयारी

सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) द्वारा यहां डालीगंज स्थित आर्टीफिशियल लिम्ब सेंटर (डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल, मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन) को कोविड अस्पताल बनाये जाने के प्रस्ताव की खबर लगते ही अब दिव्यांगों के लिए समाज सेवा करने वाली संस्थायें तथा अनेक दिव्यांगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गुहार लगायी है कि लिम्ब सेंटर को कोविड-19 अस्पताल न बनाया जाये।


पत्रों व ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्रों में कहा गया है कि दिव्यांगों की दिक्कत को देखते हुए प्रदेश के एकमात्र ऐसे संस्थान को यहां से न हटायें। पत्रों में कहा गया है कि ऐसा फैसला दिव्यांगों की दिक्कत बढ़ाने वाला होगा।
जिन संस्थाओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है उनमें स्पार्क इंडिया, रोटरी क्लब ऑफ लखनऊ, हैन्डीकेयर, इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ लायन्स क्लब शामिल हैं, इन संस्थाओं के पत्रों में कहा गया है कि समय-समय पर दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग, उपकरण वे बनवाते रहते है, इस एकमात्र संस्थान के यहां से हटने पर दिव्यांगों को अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। रोटरी क्लब तो एडवांस में उपकरणों की धनराशि भी भुगतान कर चुका है।
इसके अतिरिक्त कुछ दिव्यांगों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लिम्ब सेंटर को यहां से न हटाने की गुहार लगायी है। इनमें नरेश यादव, नीलू यादव, पुलिस विभाग में कार्यरत शबाना परवीन, शिव सिंह यादव, उमर शादाब खान, नरेगा मजदूरी करने वाले धीरज कुमार पाण्डेय ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गुहार लगायी है। गोरखपुर के रहने वाले अखिल कुमार यादव का केस तो बहुत ही मार्मिक है, इनके पुत्र को करंट लगने से दोनों हाथ, एक पैर व दूसरे पैर का पंजा कटा हुआ है, इन्होंने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लिम्ब सेंटर को यहां से न हटाने की प्रार्थना की है। इन सभी दिव्यांगों ने कहा है कि हम लोगों के कृत्रिम अंग यहीं लिम्ब सेंटर में बने हैं, समय-समय पर इनकी मरम्मत कराने या दूसरा कृत्रिम अंग लेने के लिए लिम्ब सेंटर आना-जाना लगा रहता है, अगर यह सेंटर यहां से हट गया तो हमें बहुत परेशानी हो जायेगी।
