Thursday , October 28 2021

अपनी जीवनशैली को बदलना हम सबके लिए एक बड़ी चुनौती

नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन का 40वां दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू

 

लखनऊ। राष्ट्र में समाज की सेवा करना अपना दायित्व होता है, यही परंपरा अपने देश में प्राचीन काल से चली आ रही है। ब्रिटिश शासन से पूर्व संपूर्ण राष्ट्र में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के माध्यम से समाज की सेवा करने की परंपरा रही है। यह बात शनिवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह-सरकार्यवाह वी भगैय्या ने लखनऊ में नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के 40वें राष्ट्रीय अधिवेशन नमोकॉन 2018 में बतौर मुख्‍य अतिथि कही।

 

कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन के पहले दिन श्री भगैय्या ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य, स्वस्थ समाज निर्माण में दो चुनौती हैं। पहली चुनौती, मौजूदा समय में कोई व्यक्ति अपनी जीवन शैली बदलने को तैयार नही है। बदलने के लिए जो मानसिकता व वातावरण चाहिये, वह हम सब को मिलकर बनाना होगा। इसके अलावा दूसरी चुनौती है, समाज के अंदर व्याप्त असमानता की प्रतियोगिता है। जिसे देख कर मन विचलित हो जाता है। समाज को बचाने के लिए चिकित्सक, शिक्षक एवं अधिवक्ताओं को आगे बढ़कर प्रयास करना होगा, क्योंकि ये वर्ग समाज को नई दिशा देने का काम कर सकते हैं। समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष कुमार टंडन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा राष्ट्र सेवा के लक्ष्य के साथ ही केन्द्र व प्रदेश सरकार काम कर रही है। यह 40 वां अधिवेशन समाज के लिए निश्चित ही उपयोगी सिद्ध होगा।

एनएमओ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केजीएमयू के कुलपति प्रो.एमएलबी भट्ट ने कहा कि पं. दीन दयाल उपाध्याय के मूलमंत्र अन्‍त्‍योदयृ की भावना थी, जिसे प्राप्त करने के लिए आरोग्य को अपनाया जा रहा है। यही अधिवेशन का मूलमंत्र है। उन्होंने सेवा को परमोधर्मा: बताते हुए कहा कि चिकित्सक के रूप में समाज सेवा व राष्ट्र सेवा करने का अवसर मिला है, यही सेवा, ड्यूटी हमे सेवा के भाव से करनी होगी। सेवा भाव से किया गये कार्य की गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है। अधिवेशन के संयोजक डॉ.संदीप तिवारी ने कहा कि आरोग्य रहने के लिए हमे नियमित व्यायाम और पौष्टिक व संयमित आहार लेना होता है। इसके अलावा साईकिल चलायें या कम से कम 10 हजार कदम रोजाना पैदल चले। अधिवेशन के सह आयोजक सचिव डॉ.भूपेन्द्र ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी के सहयोग की महत्ता बतायी। समारोह में एनएमओ के अवध प्रांत के अध्यक्ष एके  त्रिपाठी, पूर्व कुलपति एवं एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो.रविकांत, सीएमओ डॉ.नरेन्द्र अग्रवाल, डीन प्रो.विनोद जैन, प्रो.जीपी सिंह आदि मौजूद रहे।

एनएमओ के जरनल में डॉ सूर्यकांत ने हिन्‍दी में भी दी टीबी की जानकारी   

इस मौके पर नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन की पत्रिका एनएमओ जरनल का लोकार्पण संपन्न हुआ ज्ञात रहे कि यह जरनल पूरी तरह टीबी की बीमारी पर समर्पित है और इसके विशेषज्ञ संपादक केजीएमयू के डॉ सूर्यकांत हैं यह पत्रिका दुनिया की चिकित्सा जगत की एक मात्र दुभाषीय पत्रिका है जिसमें अंग्रेजी के साथ साथ हिंदी भाषा में भी लेख प्रकाशित होते हैं डॉ सूर्यकांत ने इस पत्रिका में अपना टीबी पर आधारित संपादकीय हिंदी भाषा में लिखा है ज्ञात रहे कि इसी वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2025 तक भारतवर्ष से टीबी को समाप्त करने की घोषणा की है एनएमओ जरनल का लोकार्पण केजीएमयू के कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुआ जिसमें इसके मुख्य संपादक डॉ अश्विनी टंडन तथा एनएमके राष्ट्रीय पदाधिकारी व केजीएमयू के कुलपति डॉ एमएलबी भट्ट उपस्थित रहे।