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इन्‍हें चिकित्‍सक कहें या कॉन्‍ट्रेक्‍ट किलर

चिकित्‍सक ने अपनी कविता में उकेरा भ्रूण हत्‍या का दर्द

लखनऊ। कविता लिखना भी एक ऐसा शौक है जो जिन्‍दगी की भागमभाग के बीच पूरा हो ही जाता है। पेशा कोई भी हो जब हृदय में कवित्‍व हिलोरे लेता है तो चल पड़ती है लेखनी और भावनाओं से भरे सच को स्‍याही का रंग देकर कोरे कागज पर लिखे लफ्ज सिर्फ लफ्ज नहीं रह जाते, वे पढ़ने वाले के भीतर गहरे से समा जाते हैं। डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्‍सालय (सिविल) अस्‍पताल के ब्‍लड बैंक के प्रभारी अधिकारी डॉ जावेद अहमद खान ऐसे ही एक कवि हृदय चिकित्‍सक हैं। मंगलवार को डॉ जावेद अहमद खान ने एक भेंट के दौरान अपनी लिखी कविता राज्‍यपाल राम नाईक को सौंपी और चिकित्‍सक होने के बावजूद चिकित्‍सक की दूषित भावना को कविता में उतार दिया। कविता पढ़कर राज्‍यपाल ने इसकी सराहना की है।

डॉ खान के अनुसार पीएमएस उत्‍तर प्रदेश के अध्‍यक्ष डॉ अशोक यादव और डॉ श्रीप्रकाश वत्‍स के साथ वह (डॉ जावेद अहमद खान) राज्‍यपाल से मिलने गये थे। उन्‍होंने बेटियों का कोख में मारने वालों के खिलाफ अपनी कविता लिखी है, इस कविता में और लोगों के साथ ही इस भ्रूण हत्‍या का कुकृत्‍य वाले कार्य के लिए गर्भपात करने वाले चिकित्‍सकों पर भी उंगली उठायी गयी है, यहां तक कि उन्‍हें ‘कॉन्‍ट्रेक्‍ट किलर’ का नाम दिया गया है।

 

डॉ खान ने बताया कि लेखन में महारत हासिल करने वाले राज्‍यपाल ने उन्‍हें अपनी लिखी किताब ‘चरैवेति चरैवेति’ भी उन्‍हें भेंट स्‍वरूप दी। कविता की सराहना करने और पुस्‍तक देने के लिए उन्‍होंने राज्‍यपाल के प्रति अपना आभार जताया।

 

 

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