अटल युग के अंत पर भारत में ही नहीं पाकिस्‍तान में भी हिलोरे ले रही शोक की लहर

दल और देश से परे सर्वमान्‍य नेता की परिभाषा रच गये पूर्व प्रधानमंत्री

 

लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से सच में एक युग का अंत हो गया है। एक ऐसा नेता जिसका लोहा विपक्षी दल भी मानते हैं। आज से नहीं वर्षों पहले भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि यह व्‍यक्ति एक दिन भारत का प्रधानमंत्री बनेगा। अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्‍यु की खबर सुनने के बाद से पूरे देश में शोक की लहर है, यह दुख की लहर सिर्फ भारत में ही नहीं आज की तारीख में भारत के साथ तल्‍ख हो चुके रिश्‍ते वाले पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी लोग दुखी हैं. अटल बिहारी के निधन की खबर आते ही पाकिस्तान में लोग ट्वीट करके उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे और कुछ ही मिनटों में #AtalBihariVajpayee ट्विटर पर टॉप ट्रेंड करने लगा, हालांकि बाद में यह दूसरे नंबर पर आ गया.

 

ज्यादातर लोग अटल द्वारा पाकिस्तान के साथ संबंधों को बेहतर करने के प्रयासों के लिए उनकी प्रशंसा कर रहे हैं. उनका कहना है कि अटल जी दोस्ती का पैगाम लेकर खुद पाकिस्तान आए, जो उनके दिल को छू गई. पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि सच्चे अर्थों में सिर्फ अटल जी ने ही पाकिस्तान और भारत के संबंधों को सुधारने की कोशिश की.


उमर आर कुरैशी ने लिखा, ‘बीजेपी से होने के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी को पाकिस्तान में बहुत पसंद किया जाता था. इतना ही नहीं वो खुद दोस्ती बस से पाकिस्तान आए. यही वजह है कि वो पाकिस्तान में नंबर वन ट्रेंड कर रहे हैं.’ उन्होंने अपने ट्वीट के साथ पाकिस्तान में अटल बिहारी वाजपेयी के टॉप ट्रेंड करने का स्नैप शॉट भी पोस्ट किया.

 

पाकिस्तान की पत्रकार मेहर तरार ने लिखा, ‘अटल बिहारी वाजपेयी साहब आपको श्रद्धांजलि. भारतीय प्रधानमंत्री, जो दोस्ती के पैगाम के साथ लाहौर सदा-ए-शहरद बस से आए. जिन्होंने कामना की कि भारत और पाकिस्तान खूनी इतिहास के आगे बढ़ें और दोस्त बनें. दुआ और परिवार के लिए संवेदना. भारत के लिए शोक.’

 

जिबरान अशरफ ने लिखा, ‘वास्तव में अटल साहब एक महान स्टेट्समैन थे और उनकी सरकार के समय भारत और पाकिस्तान वास्तविक शांति के एकदम नजदीक आ गए थे. उन्हें श्रद्धांजलि.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि अटल जी के निधन के बावजूद भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बहाल हो सकेगी.

 

 

फैजल इकबाल ने लिखा, ‘अटल बिहारी वाजपेयी भारत-पाकिस्तान शांति के सच्चे समर्थक और प्रतीक थे. शांति बहाली और दोनों देशों के बीच संबंधों को उदार बनाने के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद रखा जाएगा. वाजपेयी साहब आपको श्रद्धांजलि.’