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एएनएम संविदा संघ का मुख्‍य सचिव को पत्र, अभिभावक की भांति करें व्‍यवहार

-मिशन निदेशक के साथ वार्ता में बनी सहमति पर शासन से दिलायें मंजूरी : प्रेमलता पांडेय

योगेश उपाध्‍याय

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। एएनएम संविदा संघ उत्‍तर प्रदेश ने मुख्‍य सचिव को अपना अभिभावक बताते हुए अनुरोध किया है कि पूरे मनोयोग से कोविड टीकाकरण के कार्य में लगी संविदा एएनएम की समस्‍यायें हल करते हुए यदि मुख्‍यमंत्री या आपकी (मुख्‍य सचिव की) ओर इन एएनएम का सम्‍मान किया जायेगा तो इन एएनएम में काम करने की ललक बहुत बढ़ जायेगी।  

यह जानकारी देते हुए संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्‍याय ने बताया कि एएनएम संविदा संघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश संयोजक प्रेमलता पांडेय ने यह अनुरोध पत्र ईमेल के माध्‍यम से मुख्य सचिव को भेजा है। पत्र में कहा गया है कि आपके नेतृत्‍व में जो प्रदेश में जो कोविड टीकाकरण चल रहा है उसमें उत्‍तर प्रदेश का स्‍थान प्रथम है, और इस टीकाकरण में संविदा एएनएम की महत्‍वपूर्ण भूमिका है।

मुख्‍य सचिव से अनुरोध में कहा गया है कि जैसा कि मिशन निदेशक एनएचएम के साथ 10 जुलाई को हुई बैठक में अच्‍छा कार्य करने वाली एएनएम का सम्‍मान समारोह की बात हुई है, उस समारोह में मुख्‍यमंत्री अथवा मुख्‍य सचिव एएनएम को सम्‍मानित करें तो उनका हौसला बहुत बढ़ेगा और वह और भी ज्‍यादा मनोयोग से कार्य करेंगे। इसी के साथ 16,000 एएनएम को सीधे आपके आशीर्वचनों से मार्गदर्शन भी मिल सकेगा। पत्र में समस्‍याओं के समाधान के लिए मुख्‍य सचिव के साथ एएनएम संविदा संघ उत्तर प्रदेश की 16000 महिलाओ की समस्याये समाधान हेतु 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल से वार्ता के लिए समय देने की मांग भी की गयी है।

योगेश उपाध्‍याय ने बताया कि पत्र में यह भी कहा गया है कि ऐसा पता चल रहा है कि एएनएम, संविदा महिलाओं का गृह जनपद ट्रांसफर आपके स्तर/शासन द्वारा रोका गया है जिससे बहुत बड़ी संख्या में महिला दुखी हैं, लगातार इधर-ऊधर दौड़ रही है। पत्र में कहा गया है कि इन संविदा एएनएम महिलाओं की मन:स्थिति को ध्‍यान में रखते हुए स्‍थानांतरण पर रोक हटाने का कष्‍ट करें।

मुख्‍य सचिव को पत्र में यह भी अवगत कराया गया है कि अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर 10 जुलाई को मिशन निदेशक के साथ हुई बैठक में सभी मामलों पर सकारात्‍मक कार्यवाही का आश्‍वासन दिया गया था, लेकिन इस बैठक की कार्यवृत्ति अभी जारी नहीं की गयी है।

मुख्‍य सचिव से पत्र में यह भी अनुरोध किया गया है कि आगामी 23 एवं 24 जुलाई को बड़ी संख्या में एएनएम अपने परिजनों सहित आपसे मिलकर अपना दुख कहने आने की तैयारी कर रही हैं, इसके साथ ही सुनवाई न होने पर अगस्‍त में दिल्‍ली जाने की भी तैयारी है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि जैसा कि मिशन निदेशक ने भी सहमति जतायी है कि पेट परीक्षा से एएनएम छूट दिलाने सम्‍बन्‍धी आदेश 10 अगस्‍त तक जारी कराया जाये।

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